सिद्धू पर अपनी ही सरकार का शिकंजा, कार्यकाल की जांच शुरू, निगम दफ्तर पर विजिलेंस की छापेमारी

विजिलेंस विभाग ने कांग्रेस के पूर्व नेता मनदीप सिंह मन्ना द्वारा उपलब्ध करवाए गए दस्तावेजों के आधार पर नगर सुधार ट्रस्ट और नगर निगम में नवजोत सिद्धू के कार्यकाल की जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस टीम ने शुक्रवार सुबह नगर सुधार ट्रस्ट और नगर निगम में छापामारी कर रिकॉर्ड को खंगाला। मन्ना ने विजिलेंस के एसएसपी आरके बख्शी को बताया कि निगम द्वारा बीते वर्ष एक कलाकार को एक कार्यक्रम में बुलाया था। उसे 12 लाख का नगद भुगतान किया गया। इस कलाकार की एक कार्यक्रम की फीस चार से पांच लाख  रुपए है। नवजोत सिद्धू की पत्नी डॉ नवजोत सिद्धू द्वारा नगर निगम दफ्तर में अपने बैठने के लिए बनाए गए दफ्तर का भी कोई टेंडर नहीं हुआ। इस दफ्तर को बनाने में 20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। 

 

विभाग के डीएसपी तजिंदर सिंह की अगुआई में 15 सदस्यीय टीम ने ट्रस्ट के ठेकेदारों के साथ जुड़ी फाइलों को खंगाला। विजिलेंस विभाग ने इन फाइलों में रखी एक-एक जानकारी की जांच कर उसमें निशान लगाई। इन निशानों के आधार पर ट्रस्ट की एक टीम ने रानी का बाग स्थित एक फोटोस्टेट की दुकान पर कई दस्तावेजों की कॉपी करवाई। 

ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस ने उनसे नवजोत सिद्धू के कार्यकाल का रिकॉर्ड मांगा है। यह रिकॉर्ड उन्हें सौंप दिया गया है। जानकारी के अनुसार विजिलेंस विभाग ने वल्ला स्थित श्मशान घाट के निर्माण को लेकर हुए घोटाले की फाइल को भी खंगाला है।

इसके साथ ही विजिलेंस विभाग ने न्यू अमृतसर में फ्लैटों के आवंटन की फाइलों को भी देखा है। ट्रस्ट के ठेकेदारों द्वारा की गई पेमेंट की फाइल सिद्धू के निवास स्थान पर क्यों भेजी जाती थी, इस पर विजिलेंस ने ट्रस्ट के अफसरों से पूछताछ की है। 

जब मैं ट्रस्ट की धांधलियों के बारे में कहता था, तब कहा जाता था कि सिद्धू बहुत ईमानदार है। जब सिद्धू ने मुख्यमंत्री को आंखें दिखाई, तब विजिलेंस की करवाई करने की याद आई है। – मनदीप सिंह मन्ना, पूर्व नेता, कांग्रेस 

सभी विभागों की जांच हो: डॉ सिद्धू
अमृतसर नगर सुधार ट्रस्ट व नगर निगम अमृतसर में विजिलेंस विभाग द्वारा खंगाले जा रहे रिकॉर्ड पर टिप्पणी करते हुए डॉ नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि कैप्टन सरकार में शामिल सभी मंत्रियों के ढाई वर्ष के कामकाज की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय विभाग की कई शिकायतें उन्होंने खुद की थी। इन्हीं शिकायतों की जांच विजिलेंस विभाग कर रहा है। सरकार हर विभाग की जांच करवाए। हर विभाग खुद जांच का विषय बने। उन्हें इस बात की खुशी है कि जांच सिद्धू के पुराने विभाग से शुरू की गई है। 

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