अभिनेता से मुख्यमंत्री तक का सफर, आज शपथ लेंगे टीवीके चीफ विजय

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में पिछले कई दिनों से जारी अनिश्चितता के बादल आखिरकार छंट गए हैं और राज्य को नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। थलपति विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK), जो चुनाव के बाद सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, अब अन्य दलों के सहयोग से सरकार बनाने की दहलीज पर खड़ी है। डीएमके के पूर्व सहयोगियों वीसीके और आईयूएमएल द्वारा बिना शर्त समर्थन दिए जाने के बाद सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विजय के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो चुका है।

राजभवन में बहुमत का सफल प्रदर्शन

सरकार बनाने की कवायद के बीच विजय ने पिछले चार दिनों में चौथी बार राज्यपाल विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने 121 विधायकों के समर्थन वाला औपचारिक पत्र सौंपा, जिसके बाद राज्यपाल ने उनके दावे पर संतोष व्यक्त किया। संख्या बल से आश्वस्त होने के पश्चात राज्यपाल ने आधिकारिक तौर पर थलपति विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त कर दिया है। राजभवन की इस हरी झंडी ने राज्य में पिछले काफी समय से बनी राजनीतिक स्थिरता की कमी को दूर कर दिया है।

भव्य समारोह में मुख्यमंंत्री की शपथ

चेन्नई का जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम आज एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जहाँ सुबह 10 बजे विजय मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस समारोह को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस शपथ ग्रहण का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि शपथ ग्रहण आज संपन्न हो रहा है, लेकिन संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत राज्यपाल ने नई सरकार को 13 मई तक विधानसभा के पटल पर अपना बहुमत साबित करने का समय दिया है।

छोटे दलों के मेल से बनी सरकार

तमिलनाडु के चुनावी नतीजों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी तो बनी, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर रह गई थी। सरकार गठन के लिए आवश्यक अतिरिक्त समर्थन जुटाने का सिलसिला कांग्रेस के 5 विधायकों के साथ शुरू हुआ, जिसके बाद भाजपा और माकपा ने भी अपने दो-दो विधायकों का समर्थन देकर विजय का साथ दिया। अंतिम क्षणों में वीसीके ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना को टालने और जनता के फैसले का सम्मान करने के लिए समर्थन की घोषणा की, जिसके पीछे आईयूएमएल ने भी अपना हाथ आगे बढ़ाया। इन सभी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों के गठजोड़ ने टीवीके को 118 के आंकड़े के पार पहुँचाकर सत्ता की कुर्सी तक पहुँचा दिया है।

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