बरगाड़ी बेअदबी मामले में 2018 में दर्ज हुई एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती, पंजाब सरकार को नोटिस

 

जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की शिफारिश पर बेअदबी की घटना के बाद दर्ज हुई एफआईआर के बावजूद दूसरी एफआईआर दर्ज करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर सोमवार तक इस बारे में पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। एक पुलिस कर्मी और एक आरोपी पुलिस अधिकारी ने हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका दाखिल की है।याचिकाकर्ता रशपाल सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि बेअदबी मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों के हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया और शारीरिक तौर पर अक्षम जिसके चलते उसे सेवानिवृत्त कर दिया गया। याची का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते समय 50 पुलिस कर्मी घायल हुई थे, जिसमें याचिकाकर्ता भी शामिल था। इस मामले में 14 अक्तूबर 2015 को एफआईआर दर्ज की गई थी और बेअदबी मामले में अन्य एफआईआर दर्ज की गई थी।

याचिकाकर्ता ने कहा कि पहले जस्टिस जोरा सिंह और फिर बाद में जस्टिस रंजीत सिंह आयोग को मामले की जांच सौंपी गई। जस्टिस रंजीत सिंह को मौजूदा सरकार ने नियुक्त किया था इस आयोग की सिफारिश पर 2015 के मामलों को लेकर 2018 में फिर एफआईआर दर्ज कर दी गई और जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि एसआईटी की पूरी जांच सिर्फ पुलिस अधिकारियों को फंसाने तक सीमित है, लेकिन अक्तूबर 2015 में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते हुए जो 50 पुलिस कर्मी बुरी तरह से घायल हुई थे।

उस मामले में दर्ज एफआईआर पर एसआईटी कुछ भी कार्रवाई नहीं कर रही है। जब एक ही घटना को लेकर पहले एफआईआर दर्ज की जा चुकी है तो उसी घटना पर तीन वर्षों बाद दोबारा एफआईआर पूरी तरह से अवैध है। याचिकाकर्ता ने एसआईटी में शामिल आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह पर भी राजनीतिक संरक्षण में जांच करने के आरोप लगाए हैं। लिहाजा याचिकाकर्ता ने आयोग की शिफारिश पर वर्ष 2018 में दर्ज एफआईआर को रद्द किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की है।

कोटकपूरा गोलीकांड: एसआईटी कैंप ऑफिस में पेश हुए एसएचओ

बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित कोटकपूरा गोलीकांड के केस में नामजद तत्कालीन थाना सिटी प्रभारी एसआई गुरदीप सिंह पंधेर वीरवार को रेस्ट हाऊस स्थित एसआईटी के कैंप ऑफिस में पेश हुए। आरोपी एसएचओ को हाल ही में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली है।

हाईकोर्ट ने उन्हें एसआईटी के सामने पेश होकर जांच में सहयोग करने की हिदायतें दी है। हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत के बाद वीरवार को एसआई गुरदीप सिंह पंधेर, एसआईटी के कैंप आफिस में पहुंचे और अपनी जमानत संबंधी दस्तावेज जमा करवाए।

इस मौके पर एसआई गुरदीप सिंह पंधेर ने कहा कि उन्होंने एसआईटी को आग्रह किया है कि वह उसे जल्द जांच में शामिल करें। पंधेर ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि उनको देश के कानून व भगवान पर पूरा भरोसा है और उन्हें इंसाफ जरूर मिलेगा।

गोलीकांड मामले की जांच के आधार पर एसआईटी ने पिछले माह ही अदालत में पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ व पांच पुलिस अधिकारियों आईजी परमराज सिंह उमरानंगल, पूर्व एसएसपी चरणजीत शर्मा, तत्कालीन एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह पन्नू, तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह सिद्धू और तत्कालीन थाना सिटी एसएचओ गुरदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

इनमें से थाना सिटी प्रभारी पर घटना से संबंधित सबूत नष्ट करने, गलत तथ्य जुटाने व घायलों की शिकायत पर कोई कार्रवाई न करने के आरोप है। एसआईटी ने अपनी चार्जशीट में दावा किया था कि कई बार बुलाए जाने पर एसएचओ पेश नहीं हुए।

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