मराठा आरक्षण पर स्‍टे देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

मराठा आरक्षण पर बॉम्‍बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण पर स्‍टे लगाने से इनकार कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शैक्षिक संस्‍थानों में प्रवेश और सरकारी नौकरियों में मराठाओं के लिए आरक्षण को रद्द करने की अपील पर सुनवाई जारी रहेगी.

बता दें कि महाराष्‍ट्र में मराठा समुदाय को आरक्षण मामले में बॉम्‍बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है. हाईकोर्ट ने महाराष्‍ट्र में शिक्षा और नौकरियों में मराठा समुदाय को दिए गए आरक्षण को स्‍वीकृ‍ति दी थी. नवंबर 2018 में मराठा आरक्षण बिल पास हुआ था. जिसके अनुसार महाराष्‍ट्र में मराठा समुदाय को 16 फीसदी आरक्षण देना तय हुआ. राज्‍य के दोनों सदनों ने मराठा आरक्षण का बिल सर्वसम्‍मति से पास किया गया था. मराठा समुदाय को ये आरक्षण SEBC के तहत दिए जाने का प्रावधान हुआ.

हाईकोर्ट ने आरक्षण को दी स्‍वीकृति लेकिन 16 फीसदी को घटाने की कही बात
हाल ही में जून में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठा आरक्षण के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया और राज्‍य सरकार के आरक्षण को स्‍वीक‍ृति दी लेकिन हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि 16 प्रतिशत आरक्षण अनुचित है. इसी के साथ ही हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के निर्णय पर अपनी मुहर लगा दी.

इस याचिका में राज्य में मराठाओं को 16 प्रतिशत के प्रावधान की संवैधानिकता को चुनौती दी गई थी. हाईकोर्ट ने 16 प्रतिशत आरक्षण को 12 से 13 फीसदी लाने की बात भी कही. कोर्ट के मुताबिक स्टेट बैकवर्ड क्लासेज कमीशन (SEBC) की संस्तुतियों के आधार पर ही काम किया जाना चाहिए.

आरक्षण के लिए लंबे समय तक चला आंदोलन
महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में मराठा समुदाय ने आरक्षण की मांग को लेकर कई बड़े मोर्चे निकाले, जिनसे सही मायने में सरकार पर दबाव बना. कई मोर्चे एकदम शांतिपूर्ण तरीके से और बिना किसी उपद्रव के निकाले गए थे.

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