मेट्रो-4 के डिब्बों की पहली झलक आई सामने, मुंबई-ठाणे में सफर होगा आसान

मुंबई। मुंबई और ठाणे के यात्रियों के लिए बहुप्रतीक्षित मेट्रो-4 परियोजना को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। इस महत्वाकांक्षी मेट्रो कॉरिडोर के लिए अत्याधुनिक डिब्बों (कोच) का निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है और इसका मॉडल भी सार्वजनिक कर दिया गया है। फ्रांस की प्रसिद्ध कंपनी 'अल्स्टॉम' द्वारा इन आधुनिक मेट्रो कोचों का निर्माण किया जा रहा है। इस पूरे मार्ग पर कुल उनतालीस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जिसके लिए कुल दो सौ चौंतीस डिब्बे उपलब्ध कराने की योजना है। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें चालक रहित यानी ड्राइवरलेस ट्रेन संचालन की आधुनिक तकनीक भी प्रस्तावित है।

गायमुख से वडाला तक होगा मेट्रो कॉरिडोर का विस्तार

मेट्रो-4 का यह मार्ग मुख्य रूप से ठाणे के गायमुख से लेकर मुंबई के वडाला स्थित भक्ति पार्क तक प्रस्तावित है। इस विशाल परियोजना की घोषणा मूल रूप से वर्ष 2016 में की गई थी, किंतु विभिन्न कारणों से लंबे समय तक काम चलने के बावजूद अब तक इस रूट का एक भी चरण यात्रियों के लिए शुरू नहीं किया जा सका है। अब प्रशासनिक स्तर पर यह उम्मीद जताई जा रही है कि गायमुख से कैडबरी जंक्शन तक का पहला चरण आगामी एक से दो महीनों के भीतर शुरू किया जा सकता है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक शुरुआत की तिथि का ऐलान नहीं किया गया है।

दिसंबर 2027 तक पूरा होने की संभावना

मुलुंड, कांजुरमार्ग और घाटकोपर जैसे कुछ प्रमुख क्षेत्रों में मेट्रो स्टेशनों का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। इन बचे हुए कार्यों को ध्यान में रखते हुए पूरे मेट्रो-4 कॉरिडोर के दिसंबर 2027 तक पूरी तरह से मुकम्मल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस परियोजना के सभी चरणों के शुरू हो जाने के बाद ठाणे और मुंबई के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों का आवागमन अत्यधिक सुगम हो जाएगा। विशेष रूप से मुंबई के पूर्वी उपनगरों में निवास करने वाली आबादी को इससे अभूतपूर्व लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है।

अन्य पांच मेट्रो मार्गों से होगा जुड़ाव

यात्रियों की सुविधा को और अधिक विस्तार देने के लिए मेट्रो-4 कॉरिडोर को अन्य पांच प्रमुख मेट्रो मार्गों से इंटरचेंज के जरिए जोड़ने की योजना है। इससे यात्रियों को शहर के विभिन्न हिस्सों में बिना किसी कठिनाई के आवागमन करने में भारी मदद मिलेगी। इस कॉरिडोर के पूर्णतः चालू होने से मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों पर यात्रियों का अत्यधिक दबाव कम होने तथा सड़कों पर वाहनों की भीड़ घटने की भी प्रबल संभावना है। फिलहाल, यात्रियों की निगाहें इसके पहले चरण की आधिकारिक शुरुआत और शेष निर्माण कार्यों के तेजी से पूरा होने पर टिकी हुई हैं।

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