पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है-सिंहासन चढ़ते जाना: मुख्यमंत्री

अहमदाबाद | मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि वर्तमान सरकार के सफल सुशासन के तीन वर्ष की उपलब्धियां- जनहित कार्यों में सबका साथ सबका विकास के साथ सबका विश्वास भी साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता को सेवा का माध्यम बनाकर, परिश्रम की पराकाष्ठा कर प्रामाणिकता से लोगों की आशाओं- अपेक्षाओं- आकांक्षाओं को पूर्ण करने का संनिष्ठ प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल के निर्णायक नेतृत्व के तीन वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित समारोह ‘संकल्प से सिद्धि की ओर आगेकूच’ में श्री रूपाणी ने राज्य सरकार की चार नयी योजनाओं मुख्यमंत्री संशोधन प्रोत्साहन योजना (शोध), निजी जमीन पर स्थित झोंपड़पट्टियों के स्थान पर वहीं पक्के सुविधाजनक आवास बनाने की पीपीपी पुनर्वास नीति 2019, गृह उपयोग के लिए सोलर रूफटॉप योजना- सूर्य गुजरात तथा मुख्यमंत्री कृषि यांत्रिकिकरण योजना का शुभारम्भ किया। रूपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल सहित राज्य मंत्रिमंडल सदस्यों ने इस योजना के लाभार्थियों को सहायता- मंजूरीपत्रों का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने कश्मीर में से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाकर कश्मीर को भारत का सही अर्थों में अभिन्न अंग बनाने के ऐतिहासिक निर्णय के लिए साढ़े छह करोड़ गुजरातियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को हृदयपूर्वक अभिनन्दन दिया। समारोह में उपस्थित सभी ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए गुजरात के इन दो सपूतों को स्टैंडिंग ऑवेशन दिया। पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज के दुखद अवसान पर दो मिनट का मौन रखकर सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
विजय रूपाणी ने ‘पथ का अंतिम लक्ष्य नहीं है सिंहासन चढ़ते जाना- सब समाज को लिए साथ में आगे बढ़ते जाना है’ पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शिता, संवेदनशीलता, निर्णायकता और प्रगतिशीलता के चार सुशासन स्तम्भों को आधार बनाकर शासन की जिम्मेदारी सम्भाली है. पद या प्रतिष्ठा नहीं। जिम्मेदारी से राज्य के विकास के लिए समर्पित होने के लिए पल पल अर्पण किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर जो पद्धतियां, इंस्टिट्युशनालिज्ड शासन व्यवस्था और प्रणालियां स्थापित की थी, उन्हीं के पदचिन्हों पर चलने की चुनौतियों को हमने विनम्रतापूर्वक पूर्ण किया है। कठिन लक्ष्य थे। राज्य की शांति- सलामती और समरसता को भंग करने के षड्यंत्र हुए, ऐसे माहौल में हमारा सबने साथ मिलकर अस्थिरता से स्थिरता का वातावरण निर्मित किया है और गुजरात को विकास की राह पर अडिग रखा है।
गुजरात के विकास की चर्चा हर दिशा में, दुनियाभर में होती है। ऐसे में विकास और सुशासन हमारे जनकल्याण संकल्पों को पार करने के लिए समग्र मंत्रिमंडल पलभर के विराम- विश्राम के बगैर बिना थके, बिना रुके कार्यरत रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नया भारत निर्माण की जो संकल्पना की है, उसमें गुजरात प्रो एक्टिव- प्रो पीपल गवर्नेंस से अग्रसर रहेगा। उन्होंने राज्य के भावी सुदृढ़ विकास के साथ सस्टेनेबल डवलपमेंट द्वारा जन जन के कल्याण की संकल्पना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने इस ध्येय को प्राप्त करने के लिए त्वरित निर्णायकता- नो पेंडेंसी, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर पारदर्शी प्रशासन, आधुनिक शहरी विकास, 2022 तक गुजरात को वाटर सरपल्स स्टेट बनाने के आयोजन की रूपरेखा पेश की।
उन्होंने 3 वर्ष के सुशासन में जनता के साथ रहकर किसानों, गरीबों, वचितों के लिए जनकल्याण के कार्य करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की बारात के लिए राहत दर पर बस, विधवा पैंशन योजना में संतान की आयुसीमा हटाना, बेटी के जन्म का स्वागत करती व्हाली दीकरी योजना, गौवंश की हत्या करने वालों और चैन स्नैचिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही और किसानों को जीरो ब्याज दर पर कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है। राज्य की जनता जनार्दन को आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता द्वारा सरकार पर किया गया भरोसा कम ना हो, गुजरात के विकास जन जन की सहभागिता हो और गुजरात देश का रोल मॉडल बने, यह सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
निर्णायक नेतृत्व के तीन वर्ष पूर्ण होने को ऐतिहासिक अवसर करार देते हुए उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल ने कहा कि राज्य के साढ़े छह करोड़ नागरिकों की आशा- आकांक्षाओं को पूर्ण कर उनकी जरूरतों को घरबैठे पारदर्शिता से उपलब्ध करवाने का जो अवसर हमें प्राप्त हुआ है, वह नागरिकों का आशीर्वाद ही है। तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभाई मोदी ने गुजरात की विकासयात्रा का आरम्भ किया था और आज गुजरात विकास का रोल मॉडल है। पिछले 3 वर्ष में काफी आपदाएं आईं और आन्दोलन भी हुए लेकिन जनता के सहयोग से विकासयात्रा आगे बढ़ती रही। इतिहास में जो भूलें हुई थीं, उन भूलों को अनुच्छेद 370 हटाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमितभाई शाह ने सुधार दिया और इन दो सपूतों ने गुजरात और देश का नाम रौशन किया। सरदार पटेल ने रजवाड़ों को एकसूत्र में बांधा था और इन दो सपूतों ने अखंड भारत का निर्माण किया है। पूरे गुजरात की ओर से श्री नितिन पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी और शाह को शुभकामनाएं और धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए हमारी सरकार ने अनेक नवीनत आयाम पिछले 3 वर्ष में अपनाए हैं और टेक्नोलॉजी का उपयोग कर पारदर्शिता से लाभ जन जन तक पहुंचाए हैं।
गुजरात में ज्योतिग्राम योजना द्वारा 24 घण्टे बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्य में 18 हजार गांवों- कस्बों को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा सड़कों की सुविधा उपलब्ध हो रही है। गरीब परिवारों को गम्भीर रोगों के उपचार के लिए मा वात्सल्य योजना द्वारा 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 1.20 करोड़ नागरिकों को शामिल किया गया है। पेयजल के मामले में भी ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।
