राम मंदिर दान राशि चोरी मामले में योगी सख्त, कहा- SIT सच सामने लाकर रहेगी

अयोध्या। राम मंदिर में दान राशि की चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पहली बार धार्मिक नगरी पहुंचे। यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने इतिहास का स्मरण कराया और कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रिटिश हुकूमत ने भारत के नौजवानों की आवाज को कुचलने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन देश का युवा वर्ग उनके आगे नहीं झुका। युवाओं ने चौरी-चौरा और काकोरी ट्रेन जैसी ऐतिहासिक क्रांतियों को अंजाम देकर अंग्रेजों की जड़ें हिला दीं, जिसके परिणामस्वरूप विदेशी शासक अधिक समय तक भारत में टिक नहीं सके और आज हमारा देश पूरी तरह स्वतंत्र है। मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि वर्तमान में हम सब एक नए और प्रगतिशील उत्तर प्रदेश के गवाह बन रहे हैं, जहां राष्ट्र नायकों की गौरव गाथा को पुनर्जीवित किया जा रहा है।
वीरांगनाओं के सम्मान में पीएसी की तीन सर्व-महिला बटालियन
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं के अद्वितीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वीरांगना झलकारी बाई ने देश की स्वाधीनता के लिए फिरंगियों को नाको चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने राष्ट्र नायकों का सम्मान करना ही भावी पीढ़ी को सच्ची देशभक्ति के लिए प्रेरित करता है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई और वीरांगना झलकारी बाई के गौरव को पुनस्र्थापित करने के लिए कई विशेष अभियान शुरू किए हैं। सरकार ने राज्य में तीन नई पीएसी (PAC) बटालियन का गठन किया है, जिनका नामकरण वीरांगना झलकारी बाई, अवंतीबाई और उदादेवी पासी के नाम पर किया गया है। इसके साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि इन तीनों सैन्य टुकड़ियों में केवल प्रदेश की बेटियों की ही भर्ती की जाएगी।
राम मंदिर चोरी विवाद और विपक्ष के उपदेशों पर तीखा पलटवार
राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी विवाद पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अपील पर सरकार ने मामले की गहराई से जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। एसआईटी की जांच बहुत जल्द ही पूरे मामले का सच सबके सामने ला देगी, इसलिए उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे ऐसी कोई भी अमर्यादित टिप्पणी करने से बचें जिससे देश-विदेश के रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां चलवाईं और जय श्री राम का उद्घोष करने वालों का दमन किया, आज वे दोहरी राजनीति करते हुए रामभक्तों के सम्मान पर उपदेश दे रहे हैं।
संवेदनाहीन पूर्ववर्ती सरकारों और वर्तमान जनकल्याणकारी नीतियों की तुलना
अपने संबोधन के आखिरी हिस्से में पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सत्ता में रहने वाले नेताओं के पास जनता के विकास के लिए न तो कोई इच्छाशक्ति थी और न ही कोई संवेदना। उनके लिए आम जनता का कोई महत्व नहीं था, बल्कि वे केवल अपने कुनबे के कल्याण में मग्न रहते थे। नौकरियां और सरकारी सुविधाएं सिर्फ एक खास खानदान तक सीमित थीं। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग हमेशा कब्रिस्तान की चहारदीवारी (बाउंड्री) बनाने में व्यस्त रहे और जिनकी सोच ही वहीं तक सिमट कर रह गई थी, वे भला वीरांगना झलकारी बाई जैसी महान देशभक्तों की प्रतिमाएं कैसे लगवाते। आज हमारी सरकार की नीतियों के कारण हर जरूरतमंद के घर में मुफ्त शौचालय बन रहा है, कामाख्या धाम जैसी धार्मिक जगहों को नगर पंचायत का दर्जा देकर सड़कों का विकास किया जा रहा है और गरीबों को बिना किसी भेदभाव के उनका राशन मिल रहा है।
