राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पायलट का बड़ा बयान, बोले- SI भर्ती में बंद हो इंटरव्यू

कोटा। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन और लगातार होते पेपर लीक के गंभीर विषय पर कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने एक बार फिर बेरोजगार युवाओं के हक में मजबूती से आवाज उठाई है। शिक्षा नगरी कोटा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा विद्यार्थियों से किए गए सीधे संवाद के बाद, पायलट ने मौजूदा शिक्षा प्रणाली, लचर भर्ती प्रक्रियाओं और रोजगार के अवसरों से जुड़े तीखे सवाल पूछते हुए सरकार से एक जवाबदेह, पारदर्शी और त्रुटिहीन व्यवस्था कायम करने की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों और निजी शिक्षा के भारी-भरकम खर्च का सबसे बड़ा मानसिक और आर्थिक बोझ देश के मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों को उठाना पड़ता है, जो वर्षों की मेहनत के बाद भी भविष्य को लेकर अंधकार में रहने को मजबूर हैं।
पेपर लीक और अनियमितताओं से टूट रहा है युवाओं का भरोसा
सचिन पायलट ने परीक्षा प्रणाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब होनहार छात्र सालों-साल कठिन तपस्या करके परीक्षा की तैयारी करते हैं और अंत में उन्हें पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने या मूल्यांकन में धांधली जैसी कड़वी हकीकत का सामना करना पड़ता है, तो पूरी प्रशासनिक व्यवस्था से उनका भरोसा उठ जाता है। इस प्रकार की लगातार हो रही अनियमितताओं के कारण देश का युवा अवसाद और गंभीर मानसिक तनाव का शिकार हो रहा है, जो समाज के लिए एक अत्यंत चिंताजनक संकेत है। परीक्षाओं के बाद अचानक प्रश्नों को हटाया जाना, कॉपियां जांचने की प्रक्रिया में गोपनीयता की कमी और भर्ती के नियमों में बार-बार किए जाने वाले बदलावों ने अभ्यर्थियों के बीच केवल भ्रम और असुरक्षा की भावना पैदा की है।
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता की सख्त जरूरत
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि आज के समय में युवाओं को यह पुख्ता भरोसा दिलाना बेहद जरूरी है कि हर एक सरकारी भर्ती पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और राजनीति या भ्रष्टाचार के हस्तक्षेप से मुक्त होगी। उन्होंने व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध और जवाबदेह बनाया जाना चाहिए ताकि किसी भी छात्र के करियर के साथ खिलवाड़ न हो सके। जब तक परीक्षा कराने वाली एजेंसियां अपनी साख वापस नहीं लौटाएंगी, तब तक युवाओं के भीतर पनप रहे इस भारी असंतोष और अविश्वास को दूर कर पाना नामुमकिन होगा।
एसआई भर्ती से तत्काल इंटरव्यू हटाने और मेरिट लागू करने की मांग
सचिन पायलट ने सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा की विसंगतियों पर विशेष रूप से बोलते हुए कहा कि देश के तकरीबन 14 से 15 राज्यों ने इस पद के लिए होने वाले साक्षात्कार (इंटरव्यू) की प्रथा को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि भर्ती प्रक्रिया में इंटरव्यू का चरण जितना सीमित होगा, बाहरी प्रभाव, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद की गुंजाइश भी उतनी ही कम हो जाएगी। पायलट ने सवाल दागा कि जब अन्य राज्य केवल लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता की मेरिट के आधार पर सफल चयन कर रहे हैं, तो राजस्थान में इस पुरानी व्यवस्था को क्यों खींच जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि एसआई भर्ती से इंटरव्यू तुरंत हटाकर विशुद्ध रूप से मेरिट आधारित चयन प्रणाली लागू की जाए।
