खाना बन गया है जरूरत से ज्यादा तीखा? मिनटों में ठीक करें ये आसान उपाय

रसोई में भोजन तैयार करते समय कई बार अनजाने में हाथ फिसल जाता है और दाल, सब्जी, सूप या करी में लाल मिर्च या मसाले आवश्यकता से अधिक गिर जाते हैं। ऐसे में पल भर में ही आपकी पूरी मेहनत और स्वादिष्ट पकवान इतना ज्यादा तीखा हो जाता है कि उसे निगलना भी दूभर लगने लगता है। अधिकांश लोग इस स्थिति में घबरा जाते हैं और सोचते हैं कि अब इस भोजन को कचरे के डिब्बे में फेंकने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। हालांकि, पाक कला के कुछ साधारण और अचूक घरेलू नुस्खों (किचन ट्रिक्स) को अपनाकर आप भोजन के इस बढ़े हुए तीखेपन को बेहद आसानी से नियंत्रित और सामान्य कर सकते हैं।
भोजन की कुल मात्रा को बढ़ाना और तरल शोरबा का उपयोग करना
यदि किसी सूखी सब्जी, दाल या रसीली करी में मिर्च की मात्रा तेज हो गई है, तो सबसे सरल और व्यावहारिक तरीका यह है कि आप उस पकवान की कुल मात्रा को थोड़ा बढ़ा दें। मिसाल के तौर पर, यदि दाल अधिक तीखी बन गई है, तो उसमें थोड़ी और उबली हुई सादी दाल या गर्म पानी मिलाया जा सकता है। इसी प्रकार, सूखी या रसीली सब्जी में उबले हुए आलू, अतिरिक्त उबली सब्जियां या अन्य मुख्य सामग्रियां शामिल करने से मिर्च का तीखा प्रभाव पूरे भोजन में समान रूप से विभाजित हो जाता है, जिससे तीखापन स्वतः ही कम हो जाता है। विशेष रूप से सूप, सांबर और ग्रेवी वाले व्यंजनों में अतिरिक्त वेजिटेबल स्टॉक, शोरबा या गुनगुना पानी मिलाना सबसे उत्तम माना जाता है, बशर्ते आप स्वादानुसार नमक का संतुलन भी दोबारा ठीक कर लें।
खट्टे तत्वों का समावेश और हल्की मिठास से तीखेपन का संतुलन
स्वाद विज्ञान के अनुसार, खट्टे पदार्थ भोजन के अत्यधिक तीखेपन को काटने और उसे बेअसर करने में रामबाण की तरह काम करते हैं। इसके लिए आप तैयार तीखे व्यंजन में नींबू का ताजा रस, सफेद सिरका (विनेगर) या टमाटर की प्यूरी जैसी खट्टी चीजें मिला सकते हैं। टमाटर आधारित सॉस या करी में यह खट्टापन मिर्च की तीव्रता को दबा देता है और भोजन में एक नया अनूठा स्वाद जोड़ता है। इसके अतिरिक्त, तीखेपन की काट के लिए हल्की मिठास का उपयोग भी बेहद कारगर माना जाता है। सब्जी या ग्रेवी में महज आधा चम्मच चीनी, थोड़ा सा शुद्ध शहद या फिर गुड़ का एक छोटा टुकड़ा मिला देने से मिर्च का तीखापन काफी हद तक दब जाता है, ध्यान बस यह रखना है कि मिठास की मात्रा बहुत सीमित हो ताकि आपका मुख्य भोजन मीठा न लगने लगे।
डेयरी उत्पादों का जादू और कैप्साइसिन के प्रभाव को कम करने के तरीके
मसालों के अत्यधिक तीखेपन को शांत करने के लिए दूध, मलाई और अन्य डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल दुनिया भर के पेशेवर शेफ्स का सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय नुस्खा है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मिर्च के भीतर 'कैप्साइसिन' नामक एक रासायनिक तत्व पाया जाता है जो तीखेपन के लिए जिम्मेदार होता है, और दूध में मौजूद फैट (वसा) व प्रोटीन इस तत्व के साथ मिलकर इसके प्रभाव को रासायनिक रूप से बेहद कमजोर कर देते हैं। इसलिए, यदि करी या ग्रेवी में मिर्च तेज हो जाए, तो उसमें दो-तीन चम्मच ताजी मलाई (क्रीम), फेंटा हुआ गाढ़ा दही, थोड़ा सा सादा दूध, कद्दूकस किया हुआ पनीर या फिर शाकाहारी विकल्प के तौर पर नारियल का दूध (कोकोनट मिल्क) मिला दें। यदि भोजन परोसते समय भी तीखापन कम न हुआ हो, तो भोजन के साथ ठंडे दही या रायते का सेवन करने से मुंह में होने वाली जलन से तुरंत राहत मिलती है।
