थरूर की टिप्पणी से कांग्रेस में हलचल, बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी खुद अपनी ही पार्टी के भीतर अपनी साख और समर्थन खोते जा रहे हैं। सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष के नेता पर तीखा हमला बोलने के लिए कांग्रेस के ही वरिष्ठ सांसद शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली को लेकर की गई कथित प्रशंसा का विशेष रूप से हवाला दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समक्ष भारतीय नाविकों के संवेदनशील मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ कूटनीतिक रुख को लेकर शशि थरूर की सकारात्मक टिप्पणियां, इस विषय पर राहुल गांधी द्वारा अपनाए गए स्टैंड के बिल्कुल विपरीत हैं। पूनावाला ने एक वीडियो संदेश जारी कर तंज कसा कि यह बेहद निराशाजनक स्थिति है कि बीते दिन राहुल गांधी का जन्मदिन था, लेकिन उन्हें अपनी ही पार्टी के भीतर से ही कोई सकारात्मक उपहार मिलने के बजाय यह विरोधाभास झेलना पड़ा।

शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व कौशल और ऊर्जा की कथित सराहना

भाजपा प्रवक्ता ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए आगे कहा कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशिष्ट नेतृत्व गुणों की खुलकर सराहना की है। उनके अनुसार, थरूर ने प्रधानमंत्री की दूरगामी सोच, कूटनीतिक संवाद स्थापित करने की अद्भुत क्षमता, कार्य के प्रति उनकी अटूट ऊर्जा और जनसभाओं में प्रभावशाली वक्तव्य देने की कला का लोहा माना है। भाजपा का कहना है कि थरूर ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने निर्णयों और योजनाओं के माध्यम से समूचे भारतीयों के जनजीवन पर एक अत्यंत अमिट और गहरी छाप छोड़ी है, जो विपक्षी खेमे की सोच में बड़े मतभेद को उजागर करता है।

'कूल पीएम राहुल' सोशल मीडिया अभियान पर भाजपा का कड़ा प्रहार

शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पार्टी द्वारा राहुल गांधी को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के चेहरे के रूप में पेश करने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न राजनीतिक व डिजिटल अभियानों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जमीनी नेता स्वयं आलाकमान की इस सोच से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस के रणनीतिकार 'कूल पीएम राहुल' जैसे नारे गढ़कर यह माहौल बनाने में जुटे हैं कि आने वाले समय में राहुल गांधी ही देश की कमान संभालेंगे, वहीं दूसरी ओर उनकी ही पार्टी के निर्वाचित सांसद और कद्दावर नेता उनके इस नेतृत्व पर मौन रहकर विपरीत राय जाहिर कर रहे हैं। भाजपा ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी न केवल आम जनता के बड़े वर्ग का विश्वास खो चुके हैं, बल्कि कभी उनके सबसे करीबी और रणनीतिकार माने जाने वाले सिपहसालार भी अब उनका साथ छोड़ चुके हैं।

इंडी गठबंधन के घटक दलों द्वारा राहुल के राष्ट्रीय नेतृत्व को स्वीकार करने से इनकार

भाजपा प्रवक्ता ने आंतरिक कलह के दायरे को और व्यापक बताते हुए आरोप मढ़ा कि कांग्रेस के कई प्रमुख क्षेत्रीय और राष्ट्रीय सहयोगी दल भी राहुल गांधी के केंद्रीय नेतृत्व के अधीन काम करने को कतई तैयार नहीं हैं। पूनावाला ने विपक्षी एकजुटता पर तंज कसते हुए कहा कि अब उन्हें अपने ही वैचारिक गठबंधन के साथियों का बुनियादी समर्थन हासिल नहीं रह गया है। उन्होंने वामपंथी दलों (लेफ्ट) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) जैसी प्रमुख क्षेत्रीय ताकतों का नाम लेते हुए कहा कि ये दल राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी को अपना सर्वमान्य नेता मानने से बचते रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने अपने हमले के अंत में कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए राहुल गांधी अब जमीनी स्तर पर जनता के 'असली नेता' नहीं रह गए हैं, बल्कि वे सोशल मीडिया तक सीमित रहने वाले महज एक 'रील नेता' बनकर रह गए हैं।

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