हवा में इमरजेंसी गेट खोलने लगा यात्री, केरल पुलिस ने दर्ज किया केस

कोच्चि: कुआलालंपुर से केरल के कोच्चि आ रही बाटिक एयर की एक उड़ान संख्या ओडी231 के दौरान हवा में ही एक यात्री के अचानक हिंसक होने और गंभीर उपद्रव मचाने का मामला सामने आया है। आरोपी यात्री ने विमान के बीच आसमान में ही आपातकालीन निकास द्वार खोलने का प्रयास किया, खिड़की का पैनल तोड़ डाला तथा उड़ान में सवार अन्य यात्रियों व विमान कर्मियों (क्रू मेंबर्स) को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं। इस अत्यंत खतरनाक और गंभीर हरकत को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मलेशिया से लौट रहे यात्री की अचानक बिगड़ी हरकतें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केरल के पालक्काड जिले के कूट्टनाड का रहने वाला आरोपी जमशीर अथानिक्कल पिछले दस वर्षों से मलेशिया में अपने किसी परिचित की कंपनी में कार्यरत था। वह अपने नवजात बच्चे की पहली झलक देखने के लिए केरल अपने घर लौट रहा था। बुधवार को उड़ान के दौरान उसने अचानक असामान्य और हिंसक व्यवहार करना शुरू कर दिया। शुरुआती पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने अजीब तर्क देते हुए कहा कि यात्रा के दौरान उसे ऐसा महसूस हुआ कि 'वह मरना चाहता है'। गिरफ्तारी के बाद जब उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, तब भी उसका आक्रामक रवैया जारी रहा।
क्रू मेंबर्स की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा और गिरफ्तारी
उड़ान के दौरान जब आरोपी ने जबरन इमरजेंसी एग्जिट डोर खोलने की कोशिश की और खिड़की के पैनल को क्षतिग्रस्त कर दिया, तो विमान में सवार यात्रियों में भारी अफरातफरी मच गई। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए क्रू मेंबर्स ने तुरंत साहसिक कदम उठाया और बीच-बचाव करते हुए आरोपी को बमुश्किल काबू में किया तथा सीटों पर बांधकर सुरक्षित रखा। विमान के कोच्चि एयरपोर्ट पर उतरते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच और विभिन्न केंद्रीय तथा राज्य एजेंसियों की पड़ताल
नेदुमबासेरी थाने की पुलिस के मुताबिक, इस घटना की शुरुआत में आपराधिक धमकी, एयरक्राफ्ट एक्ट और केरल पुलिस अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन यात्रियों की जान खतरे में डालने की गंभीरता को देखते हुए अब इसमें हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ दी गई है। पुलिस सोमवार को अंगमाली ज्यूडिशियल फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट अदालत में याचिका दायर कर आरोपी की पुलिस रिमांड की मांग करेगी, साथ ही उसके मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने के लिए मेडिकल जांच भी कराई जाएगी। इस मामले में कई राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और विदेशी संपर्कों की गहराई से छानबीन कर रही हैं।
