विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा में विपक्ष पर बीजेपी की सियासी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Election) के लिए प्रभारी घोषित होने से पहले ही बीजेपी (BJP) ने यहां अपना किला मजबूत कर लिया है. दूसरी पार्टियों के 14 वर्तमान विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं. इनेलो (INLD) की तो जैसे कमर ही टूट गई है. अब उसके सिर्फ सात विधायक ही बचे हैं. यहां तक कि मुस्लिम बहुल मेवात (Mewat) के सभी गैर भाजपाई एमएलए (MLA) अब भाजपाई हो चुके हैं. कई और लाइन में हैं. दूसरी पार्टियों के पूर्व विधायक समझ नहीं पा रहे कि वो चुनाव मैदान में उतरें या नहीं.
कांग्रेस (Congress) संगठन विहीन है और नई पार्टियों का अब तक कुछ पता नहीं. 2014 में सीएम बनने से पहले आरएसएस (RSS) प्रचारक के रूप में काम कर रहे मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ऐसा राजनीतिक दांव खेलेंगे किसी भी पार्टी के रणनीतिकार को अंदाजा नहीं था.
अब मुस्लिम बहुल मेवात के सभी एमएलए भाजपाई
मुस्लिम बहुल मेवात के चार मौजूदा विधायक बीजेपी में आ गए हैं. लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का यदि विधान सभावार विश्लेषण किया जाए बीजेपी सबसे ज्यादा कमजोर जाट और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ही थी. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला इन्हीं क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने में जुटे हुए हैं. वो खुद जाट कम्युनिटी से आते हैं. उन्होंने कई जाट विधायकों को पार्टी में शामिल करवा लिया है.

मुस्लिम बहुल मेवात में भी उसका रास्ता आसान हो गया है. यहां के सभी मुस्लिम विधायक भाजपाई हो चुके हैं. हालांकि दूसरी पार्टी छोड़कर बीजेपी में आने वाले किसी भी विधायक को पार्टी ने चुनाव में टिकट देने का वादा नहीं किया है. पार्टी पुराने कार्यकर्ताओं पर ही दांव लगाएगी.
चुनाव से पहले भाजपा की शरण आने वाले विधायक
>>पुन्हाना से निर्दलीय विधायक रईसा खान
>>नूंह से इनेलो विधायक जाकिर हुसैन
>>फिरोजपुर झिरका से इनेलो विधायक नसीम अहमद
>>हथीन से इनेलो एमएलए केहर सिंह रावत
>>फरीदाबाद-एनआईटी से इनेलो विधायक नगेंद्र भड़ाना
>>फरीदाबाद-पृथला से बसपा विधायक टेकचंद शर्मा
>>जींद के जुलाना से इनेलो विधायक परमिंदर सिंह ढुल
>>रानियां से इनेलो विधायक रामचंद्र कंबोज
>>सिरसा से इनेलो विधायक मक्खन लाल सिंगला
>>फतेहाबाद से इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया
>>हिसार-नलवा से इनेलो विधायक रणबीर सिंह गंगवा
>>फतेहाबाद के रतिया से इनेलो विधायक रविंद्र बलियाला
>>सफीदों से निर्दलीय विधायक जसबीर देसवाल
90 सीटों का गणित
हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं. लोकसभा चुनाव की वोटिंग के हिसाब से बीजेपी इनमें से सिर्फ 11 सीटों पर ही अन्य पार्टियों से पीछे थी. ये 11 सीटें जाट एवं मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की थीं. अब पार्टी ने मेवात के कई बड़े मुस्लिम नेताओं को पार्टी में शामिल कर लिया है. यहां पर पार्टी ने 75 प्लस का नारा दिया है. इस समय बीजेपी के पास अपनी 48 सीट हैं. सितंबर-अक्टूबर में चुनाव होने की संभावना है.
दूसरे दलों से बीजेपी में आने के इच्छुक नेताओं का दिल खोलकर स्वागत किया जा रहा है. जितने लोग आएंगे पार्टी उतनी ही मजबूत होगी. पार्टी प्रवक्ता राजीव जेटली का कहना है कि बीजेपी लगातार जनता के लिए काम कर रही है, इसलिए हमारा कारवां बढ़ता जा रहा है.
 

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