मानसून ट्रिप का बना रहे हैं प्लान? बैग में जरूर पैक करें ये 8 जरूरी चीजें

वर्षा ऋतु (मानसून) का समय प्रकृति प्रेमियों और घुमक्कड़ मिजाज के लोगों के लिए बेहद जादुई और सुहाना माना जाता है। इस मौसम में पहाड़ों पर बिखरी मखमली हरियाली, उफान मारते दूधिया झरने और वादियों में बहने वाली ठंडी हवाएं किसी भी यात्रा के रोमांच को सौ गुना बढ़ा देती हैं। हालांकि, रिमझिम फुहारों के बीच सफर करना जितना आनंदमयी और आकर्षक लगता है, जमीनी स्तर पर यह उतना ही चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा भी हो सकता है।

पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अचानक होने वाली मूसलाधार बारिश, चट्टानें खिसकने (भूस्खलन) के कारण लगने वाला लंबा ट्रैफिक जाम, फिसलन भरे रास्ते और पल-पल बदलते मौसम के मिजाज जैसी अप्रत्याशित बाधाएं आपकी पूरी ट्रिप का मजा किरकिरा कर सकती हैं। ऐसे में यदि आप घर से निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान देखकर और पूरी तैयारी के साथ कदम आगे बढ़ाते हैं, तो इन तमाम दिक्कतों से आसानी से पार पाया जा सकता है। यात्रा के दौरान अपने लगेज बैग में कुछ बेहद जरूरी और आपातकालीन सामानों को शामिल करना न केवल आपको सुरक्षित रखता है, बल्कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में ढाल की तरह काम आता है। आइए विस्तार से जानते हैं उन महत्वपूर्ण चीजों के बारे में, जो इस मानसून आपके ट्रैवल बैग का हिस्सा जरूर होनी चाहिए।

सफर को बेफिक्र और सुरक्षित बनाने के लिए बैग में शामिल करें ये 8 जरूरी चीजें:

  • 1. रेन-प्रूफ या वाटरप्रूफ लगेज कवर: बरसात के दिनों में मौसम का कोई भरोसा नहीं होता। अचानक शुरू होने वाली तेज बारिश से आपके महंगे कपड़े, कैमरा, स्मार्टफोन और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह खराब हो सकते हैं। इनसे बचने के लिए अपने मुख्य पिट्ठू बैग या सूटकेस के लिए एक बढ़िया वाटरप्रूफ रेन कवर साथ रखें। यदि कवर न हो, तो सामान को बैग के अंदर अलग-अलग ज़िप-लॉक थैलियों या प्लास्टिक पाउच में पैक करके रखें।

  • 2. पोर्टेबल छाता या प्रीमियम रेनकोट: सफर के दौरान खुद को भीगने से बचाना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए अपने हैंडबैग में हमेशा एक हल्का, मजबूत और आसानी से फोल्ड होने वाला छोटा छाता या फिर विंडप्रूफ मटेरियल से बना अच्छी क्वालिटी का रेनकोट रखें। यह आपको गीले कपड़ों के कारण होने वाले सर्दी, जुकाम और इन्फेक्शन के खतरों से दूर रखेगा।

  • 3. अतिरिक्त वस्त्र और क्विक-ड्राई माइक्रोफाइबर तौलिया: यदि किसी कारणवश आप ट्रेकिंग या साइटसीइंग के दौरान भीग जाते हैं, तो लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से हाइपोथर्मिया या फ्लू का खतरा रहता है। इसलिए हमेशा अपने पास कपड़ों और मोजों का एक एक्स्ट्रा सेट रखें। साथ ही, साधारण तौलिए के बजाय 'माइक्रोफाइबर तौलिया' बैग में डालें, क्योंकि यह बहुत कम जगह घेरता है और बेहद कम समय में सूख जाता है।

  • 4. वाटरप्रूफ पाउच में आवश्यक कागजात: यात्रा के दौरान उपयोग में आने वाले सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे कि पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, यात्रा टिकट, होटल रिजर्वेशन की कॉपियां और इमरजेंसी कैश (नकदी) को हमेशा एक ट्रांसपेरेंट वाटरप्रूफ या सीलबंद पाउच में संभालकर रखें। इससे नमी या पानी के कारण दस्तावेज गलने या फटने से बच जाएंगे और जांच के समय तुरंत मिल भी जाएंगे।

  • 5. हाई-कैपेसिटी पावर बैंक और डाटा केबल: पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान अक्सर बिजली गुल हो जाती है या लंबे सफर में नेटवर्क सर्च करने के कारण फोन की बैटरी तेजी से डिस्चार्ज होती है। ऐसी स्थिति में अपनों से संपर्क बनाए रखने और जीपीएस (GPS) नेविगेशन का उपयोग करने के लिए एक दमदार क्षमता (20000mAh) का चार्ज पावर बैंक हमेशा अपने पास चार्ज करके रखें।

  • 6. प्राथमिक चिकित्सा किट (First Aid Kit) और नियमित दवाएं: यात्रा के दौरान बदलते मौसम के कारण अचानक बुखार, बदन दर्द, उल्टी, पेट खराब होना या पहाड़ों पर चढ़ते समय मोशन सिकनेस (जी मिचलाना) जैसी समस्याएं आम हैं। इसके अलावा पैर फिसलने से हल्की खरोंच भी आ सकती है। इसलिए अपनी किट में आवश्यक पट्टियां (बैंडेज), एंटीसेप्टिक लिक्विड, ओआरएस (ORS) के पैकेट, दर्द निवारक और अपनी नियमित प्रिसक्राइब्ड दवाएं जरूर रखें।

  • 7. रेडी-टू-ईट स्नैक्स और सुरक्षित पेयजल: मानसून में लैंडस्लाइड या रास्तों के डायवर्जन के कारण गाड़ियां घंटों एक ही जगह फंसी रह सकती हैं, जहां आस-पास खाने-पीने की कोई दुकान नहीं होती। इस आपात स्थिति से निपटने के लिए अपने बैग में भरपूर मात्रा में ड्राई फ्रूट्स, न्यूट्रीशन बार, भुने चने, बिस्कुट और सीलबंद पानी की बोतल जरूर रखें, ताकि आप डिहाइड्रेशन और कमजोरी का शिकार न हों।

  • 8. मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम, सैनिटाइजर और हाइजीन वाइप्स: यदि आप प्रकृति के करीब जैसे कि जंगलों, झरनों या कैंपिंग साइट्स पर जा रहे हैं, तो बारिश के कारण वहां मच्छरों और कीड़ों का प्रकोप बढ़ जाता है। इनसे बचने के लिए ओडोमॉस या कोई अच्छी मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम साथ रखें। साथ ही, संक्रमण से बचने के लिए बिना पानी के हाथ साफ करने वाला अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइजर और चेहरा व हाथ पोंछने के लिए गीले वेट-वाइप्स का इस्तेमाल करें।

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