पेपर लीक से TET परीक्षा टली, भिवंडी में तीन संदिग्ध हिरासत में

भिवंडी:महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर लीक करने वाले एक बड़े रैकेट के खिलाफ भिवंडी में पुलिस ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कोनगांव पुलिस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए जाल बिछाया और पेपर लीक गिरोह से जुड़े तीन मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए इन आरोपियों के पास से टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल बरामद हुए हैं। पुलिस तीनों आरोपियों को पकड़कर भिवंडी ले आई है और कोनगांव पुलिस स्टेशन में इनके खिलाफ सख्त धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

होटल में छापे के बाद एयरपोर्ट इलाके से दबोचे गए आरोपी

पुलिस को इस गिरोह के बारे में एक बेहद पुख्ता और गुप्त सूचना मिली थी कि कोनगांव स्थित डायमंड होटल में पेपर लीक से जुड़े कुछ संदिग्ध ठहरे हुए हैं और वे वहां से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत होटल पर छापेमारी की, लेकिन शातिर आरोपी पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले ही वहां से रफूचक्कर हो चुके थे। इसके बाद पुलिस ने हार नहीं मानी और तकनीकी सर्विलांस व खुफिया नेटवर्क को सक्रिय करते हुए आरोपियों का पीछा किया। आखिरकार पुलिस ने तीनों संदिग्धों को सहारा एयरपोर्ट इलाके से घेराबंदी करके सफलतापूर्वक अपनी हिरासत में ले लिया। फिलहाल पुलिस इस पूरे रैकेट की जड़ों को खंगालने और इसमें शामिल अन्य सफेदपोश लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

चार लाख से अधिक अभ्यर्थियों की मेहनत पर फिरा पानी, परीक्षा रद्द

इस पेपर लीक कांड का सबसे बड़ा और दर्दनाक असर उन लाखों युवाओं पर पड़ा है जो पिछले कई महीनों से दिन-रात इस परीक्षा के लिए पसीना बहा रहे थे। राज्य भर में यह परीक्षा 28 जून को आयोजित होने वाली थी, जिसमें करीब 4 लाख 28 हजार उम्मीदवार शामिल होने वाले थे। सरकार ने इस परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रदेश भर में 1028 परीक्षा केंद्र भी बनाए थे। लेकिन परीक्षा से ठीक पहले पेपर लीक होने की पुख्ता जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने परीक्षा को तुरंत प्रभाव से रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा, लेकिन इस अप्रत्याशित फैसले से प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों को गहरा मानसिक झटका लगा है।

विवादों के साए में घिरी थी परीक्षा, पहले बुर्के पर मचा था घमासान

यह पहली बार नहीं है जब इस बार की टीईटी परीक्षा सुर्खियों में आई है, इससे पहले यह आयोजन ड्रेस कोड को लेकर भी बड़े विवादों के साए में घिर चुका था। दरअसल, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (एमएससीई) द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस में महिला अभ्यर्थियों को अपनी पसंद की पोशाक, बुर्का या हिजाब पहनकर आने की स्वतंत्रता तो दी गई थी, लेकिन सुरक्षा और पारदर्शिता के मद्देनजर परीक्षा के दौरान गर्दन के ऊपर का हिस्सा पूरी तरह खुला रखने का सख्त निर्देश दिया गया था। इस नियम को लेकर सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक काफी विवाद और बहस देखने को मिली थी, और अब पेपर लीक ने इस पूरी परीक्षा की तैयारियों पर पानी फेर दिया है।

नीट के बाद टीईटी का पर्चा आउट, बड़े रैकेट की ओर इशारा

टीईटी परीक्षा का पेपर लीक होना इस बात की ओर भी गंभीर इशारा कर रहा है कि महाराष्ट्र में पेपर लीक करने वाले गिरोहों का जाल कितनी गहराई तक फैला हुआ है। इससे पहले देश को हिला देने वाले नीट (NEET) पेपर लीक मामले के तार भी महाराष्ट्र से ही जुड़े पाए गए थे, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच में यह खुलासा हुआ था कि नीट का प्रश्न पत्र सबसे ज्यादा महाराष्ट्र के इलाकों में ही बेचा गया था। उस मामले में भी लातूर में कोचिंग सेंटर चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर और प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी समेत कई लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। अब टीईटी का भी पर्चा आउट होने के बाद महाराष्ट्र पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस पूरे संगठित अपराध तंत्र का पूरी तरह भंडाफोड़ करने के लिए कमर कस चुकी हैं।

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