ज्वेलर को नकली मंगलसूत्र थमाकर ₹40 हजार की ठगी, पुलिस ने आरोपियों को दबोचा

जांजगीर-चांपा| जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र से ठगी की एक बेहद हैरान करने वाली वारदात सामने आई है, जहां दो शातिर बदमाशों ने एक आभूषण व्यवसायी को अपनी जालसाजी का शिकार बनाया। नगर पंचायत पामगढ़ में स्थित एक ज्वेलरी शॉप पर दो युवक चमचमाती बलेनो कार से पहुंचे। उन्होंने दुकान संचालक को अपनी पारिवारिक और आर्थिक मजबूरी का हवाला देते हुए सोने का एक मंगलसूत्र गिरवी रखने की बात कही। बदमाशों ने इतनी सफाई से बात की और फर्जी दस्तावेज पेश किए कि दुकानदार उनके झांसे में आ गया और उसने आभूषण के बदले ₹40,000 की नकद राशि उन्हें सौंप दी।

फर्जी बिल और झूठे नाम का सहारा लेकर जीता सर्राफा व्यापारी का भरोसा

धोखाधड़ी को पुख्ता अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पूरी प्लानिंग की थी। जब सर्राफा व्यापारी ने आभूषण की प्रामाणिकता के लिए उसकी पुरानी खरीद रसीद मांगी, तो आरोपियों में से एक ने खुद का झूठा नाम 'अमित तिवारी' बताते हुए एक फर्जी बिल काउंटर पर पेश कर दिया। गहने के कागजात और रसीद देखने के बाद पीड़ित व्यवसायी को रत्ती भर भी शक नहीं हुआ। उसने मंगलसूत्र को शुद्ध सोना समझते हुए तय रकम आरोपियों के हाथ में थमा दी, जिसे लेकर दोनों जालसाज तुरंत दुकान से नौ दो ग्यारह हो गए।

आभूषण की जांच में खुला राज, नकली निकला कथित 'सोना'

ठगों के जाने के कुछ देर बाद जब सर्राफा कारोबारी को थोड़ा संदेह हुआ, तो उसने आधुनिक कसौटी और रसायनों की मदद से उस मंगलसूत्र की बारीकी से जांच की। जांच की रिपोर्ट आते ही दुकानदार के होश उड़ गए; वह आभूषण सोने का नहीं बल्कि सोने जैसी दिखने वाली बेहद सस्ती नकली धातु (बेनटेक्स) से तैयार किया गया था। खुद को ठगा हुआ महसूस करते हुए पीड़ित व्यापारी ने बिना वक्त गंवाए तत्काल पामगढ़ थाना पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

साइबर सेल की मुस्तैदी से बलौदा बाजार में दबोचे गए ठग

व्यापारी से ठगी और जालसाजी का मामला सामने आते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष खोजी टीम का गठन किया गया। पुलिस की तकनीकी शाखा (साइबर सेल) ने दुकान और आस-पास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तथा आरोपियों के मोबाइल लोकेशन और कार के नंबर को ट्रैक करना शुरू किया। पुख्ता लोकेशन मिलते ही पुलिस की टीम ने पड़ोसी जिले बलौदा बाजार में योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और घेराबंदी करके दोनों आरोपियों को धर दबोचा।

लूटी गई रकम और बलेनो कार जब्त, दोनों आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे

पकड़े गए जालसाजों की वास्तविक पहचान बलौदा बाजार के रहने वाले अमन सोनी और अमित सोनी के रूप में की गई है। पुलिसिया पूछताछ और कड़ाई के सामने दोनों आरोपियों ने घुटने टेक दिए और पामगढ़ में की गई इस ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पामगढ़ पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगे गए पूरे ₹40,000 की नकदी और अपराध में प्रयुक्त बलेनो कार को कानूनी तौर पर जब्त कर लिया है। स्थानीय न्यायालय में पेश किए जाने के बाद माननीय न्यायाधीश ने दोनों सगे आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है।

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