गुरु दत्त की जयंती पर जैकी श्रॉफ का खास पोस्ट, अनदेखी तस्वीरों ने जीता दिल

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ ने भारतीय सिनेमा के कालजयी फिल्म निर्माता और अभिनेता गुरु दत्त को उनकी 101वीं जयंती के अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। जैकी श्रॉफ ने सोशल मीडिया के माध्यम से गुरु दत्त के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए एक विशेष संदेश साझा किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर गुरु दत्त की दुर्लभ और पुरानी श्वेत-श्याम तस्वीरों का एक कोलाज पोस्ट कर उन्हें सादर नमन किया है।
भारतीय सिनेमा के महान कलाकार
गुरु दत्त का जन्म 9 जुलाई, 1925 को हुआ था और उनका वास्तविक नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। उन्होंने वर्ष 1951 में 'बाजी' फिल्म के निर्देशन के साथ अपने करियर की शानदार शुरुआत की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'आर-पार', 'सीआईडी', 'प्यासा', 'कागज के फूल' और 'चौदहवीं का चांद' जैसी कालजयी फिल्मों का निर्माण किया, जिन्होंने हिंदी सिनेमा को एक नई दिशा और गहराई प्रदान की।
कालजयी फिल्मों का अविस्मरणीय सफर
हालांकि उनकी 'प्यासा' और 'कागज के फूल' जैसी फिल्में अपने शुरुआती दौर में व्यावसायिक रूप से उतनी सफल नहीं रही थीं, लेकिन आज इन्हें विश्व स्तर पर भारतीय सिनेमा की सर्वोत्तम कृतियों में गिना जाता है। उनकी फिल्मों के गीतों ने भी दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है, जिनमें 'जाने वो कैसे लोग थे' और 'ये दुनिया अगर मिल भी जाए' जैसे सदाबहार नगमे शामिल हैं। इन गीतों को मोहम्मद रफी और गीता दत्त जैसी महान आवाजों ने सजाया था।
जीवन के अनछुए पहलू और असमय विदाई
गुरु दत्त का व्यक्तिगत जीवन भी काफी चर्चा में रहा। उन्होंने वर्ष 1953 में सुप्रसिद्ध गायिका गीता दत्त से विवाह किया था। इसके अलावा, अभिनेत्री वहीदा रहमान के साथ उनके पेशेवर जुड़ाव को भी सिनेमा जगत में काफी सराहा गया। भारतीय कला जगत के इस अद्वितीय सितारे ने 10 अक्तूबर, 1964 को महज 39 वर्ष की अल्पायु में ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया, जिससे सिनेमा प्रेमियों को गहरा आघात पहुंचा था।
