₹1100 की पेंशन निकालने गया बुजुर्ग, खाते में दिखे अरबों रुपये

समस्तीपुर:समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड अंतर्गत गावपुर गांव में एक ट्रांजेक्शन रसीद ने अचानक पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। दरअसल, एक 80 वर्षीय वृद्ध पेंशनधारी जब अपनी 1100 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन की राशि निकालने के लिए एक ग्राहक सेवा केंद्र पर पहुंचे, तो वहां से मिली रसीद को देखकर हर कोई दंग रह गया। भारत ईश्वर नाम के इस बुजुर्ग को थमाई गई रसीद में उनके खाते का उपलब्ध बैलेंस 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये 78 पैसे अंकित था। यह हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आते ही न सिर्फ बुजुर्ग और केंद्र संचालक के होश उड़ गए, बल्कि आसपास मौजूद लोग भी अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे।

गांव में तेजी से फैली खबर और रसीद देखने के लिए उमड़ पड़ी भारी भीड़

यह अनोखी घटना सरायरंजन प्रखंड की नोआचक पंचायत के गावपुर गांव में उस समय हुई जब बुजुर्ग भारत ईश्वर आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से अपनी पेंशन राशि की निकासी करने पहुंचे थे। जैसे ही पैसे निकालने की प्रक्रिया पूरी हुई और रसीद पर अरबों रुपये का बैलेंस चमकता हुआ दिखाई दिया, यह खबर आग की तरह पूरे गांव और पड़ोसी इलाकों में फैल गई। देखते ही देखते ग्राहक सेवा केंद्र पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। हर कोई अपनी आंखों से उस चमत्कारी रसीद को देख लेना चाहता था, जिसके कारण एक बेहद सामान्य परिवार का बुजुर्ग अचानक कागजों पर अरबपति बन चुका था। दिनभर इस अजीबोगरीब मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और कयासों का दौर चलता रहा।

बैंक शाखा में जांच के बाद खुला राज और मात्र 500 रुपये निकला वास्तविक बैलेंस

मामले को बढ़ता देख और अपनी उत्सुकता शांत करने के लिए भारत ईश्वर तुरंत सरायरंजन स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा पहुंचे। वहां मौजूद शाखा प्रबंधक ने जब उनके खाते की गहनता से तकनीकी जांच की, तो पूरी असलियत खुलकर सामने आ गई। बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उस खाते में वास्तव में किसी भी तरह की कोई बड़ी धनराशि जमा नहीं हुई थी। बुजुर्ग के खाते का वास्तविक शेष मात्र 500 रुपये था और उसमें किसी भी प्रकार के असामान्य या संदेहास्पद वित्तीय लेन-देन का कोई विवरण मौजूद नहीं था।

बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी खामी बनी कारण और अफवाहों से बचने की सलाह

शाखा प्रबंधक रोहित कुमार ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ट्रांजेक्शन रसीद में अरबों रुपये की यह काल्पनिक राशि दिखाई देना विशुद्ध रूप से बैंकिंग सिस्टम की एक तकनीकी त्रुटि का नतीजा है। इस गंभीर खामी की पूरी रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय को तुरंत भेज दी गई है ताकि तकनीकी टीम इसकी जांच कर इसे स्थाई रूप से ठीक कर सके। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता और खाताधारकों से यह विशेष अपील भी की है कि भविष्य में अगर कभी भी उनके खातों में ऐसी कोई असामान्य या अविश्वसनीय जानकारी दिखाई दे, तो वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा करने के बजाय सीधे अपनी संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।

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