दतिया में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी, आशुतोष तिवारी के नामांकन में जुटेंगे भाजपा के बड़े चेहरे

दतिया: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के साथ अपने अधिकृत प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का नामांकन दाखिल कराने जा रही है। दोपहर ठीक एक बजे ऐतिहासिक किला चौक पर एक विशाल आमसभा का आयोजन किया गया है। इस जनसभा को मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित कई दिग्गज नेता संबोधित करेंगे। टिकट की घोषणा होने के बाद यह पहला मौका होगा जब नरोत्तम मिश्रा और प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व एक साथ एक ही मंच पर दिखाई देगा। राजनीतिक हलकों में इस एकजुटता को भाजपा के 'डैमेज कंट्रोल' और विपक्ष को कड़ा संदेश देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

चुनावी रणनीति और बूथ स्तर पर सक्रियता

नामांकन दाखिल करने से ठीक एक दिन पहले रविवार को दतिया में एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर पूरी ताकत झोंकने की अपील की। भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' का निर्माण हो रहा है और दतिया के चौमुखी विकास के लिए भाजपा प्रत्याशी को रिकॉर्ड मतों से जिताना आवश्यक है। उन्होंने हर हाल में हर बूथ पर विजय हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

कमल का फूल ही उम्मीदवार और संगठन की ताकत

कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सूबे के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि भाजपा में कोई व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि 'कमल का फूल' ही असली उम्मीदवार होता है। उन्होंने कहा कि निष्ठावान कार्यकर्ता ही इस संगठन की सबसे बड़ी पूंजी और ताकत हैं, जिनकी मेहनत और जनता के अटूट विश्वास के दम पर पार्टी एक बार फिर जीत का परचम लहराएगी। वहीं, प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने सभी कार्यकर्ताओं से सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और पार्टी की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने भरोसा जताया कि संगठन के सामूहिक प्रयास से दतिया में ऐतिहासिक जीत दर्ज होगी।

शुरुआती बगावत के बाद एकजुटता का संदेश

सोमवार को होने वाली इस भव्य नामांकन रैली के माध्यम से भाजपा यह साफ संदेश देने का प्रयास कर रही है कि टिकट वितरण को लेकर उपजा शुरुआती अंतर्विरोध अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है और पूरा संगठन एकजुट होकर मैदान में है। गौरतलब है कि दतिया से कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने के कारण शुरुआत में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर भारी विरोध-प्रदर्शन किया था। स्थिति बिगड़ती देख केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने तुरंत सक्रियता दिखाई और रूठे नेताओं व कार्यकर्ताओं को मनाकर डैमेज कंट्रोल किया।

चुनावी कार्यक्रम पर एक नजर

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट पर आगामी 30 जुलाई को मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 3 अगस्त को मतगणना के साथ की जाएगी।

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