1300 किमी पीछा और हजारों सुरागों के बाद पुलिस ने दबोचे लूट के आरोपी

जयपुर। पश्चिम जिला पुलिस प्रशासन ने अपनी अद्वितीय तकनीकी सूझबूझ और अथक धरातलीय कार्रवाई के बल पर एक प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी से हुई दिनदहाड़े लूट की बड़ी वारदात का सनसनीखेज खुलासा किया है। इस बड़ी सफलता के अंतर्गत पुलिस ने २५-२५ हजार रुपये के घोषित इनाम वाले तीन अत्यंत शातिर डकैतों को बंदी बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए विशेष जांच दल ने घटना स्थल से लेकर संभावित ठिकानों तक के लगभग १००० सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया और अपराधियों को कानून के शिकंजे में कसने के लिए करीब १३०० किलोमीटर तक सघन और अनवरत पीछा किया। अपराधियों के कब्जे से लूटे गए आभूषणों को पिघलाकर बनाई गई लगभग सात किलोग्राम वजन की ठोस चांदी की सिल्ली भी सुरक्षित बरामद कर ली गई है।
क्रूरतापूर्ण वारदात और पीड़ित ज्वैलर पर जानलेवा हमला
वारदात की पृष्ठभूमि के अनुसार, बीते ३ जुलाई की देर रात्रि खोराबीसल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नांगल लाड़ी इलाके में ज्वैलरी व्यवसाई शंकरलाल शर्मा अपनी दुकान का कारोबार समेटकर घर की ओर प्रस्थान कर रहे थे। उनके पास मौजूद बैग में दुकान की चाबियों के साथ-साथ भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और नकद राशि रखी हुई थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे एक स्विफ्ट कार सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल को जबरन रुकवा लिया। अपराधियों ने अचानक उन पर लाठियों और लोहे के सरियों से प्राणघातक हमला बोल दिया, जिससे ज्वैलर के दोनों हाथों में गंभीर फ्रैक्चर हो गए। इस बर्बर हमले के बाद आरोपी गहनों से भरा बैग छीनकर पलक झपकते ही वहां से फरार हो गए।
हाईटेक पुलिसिंग और १००० कैमरों का चक्रव्यूह
इस भीषण वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण के नेतृत्व में चार विशेष पुलिस दलों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने सबसे पहले घटना स्थल का बारीक वैज्ञानिक परीक्षण किया, जहां उन्हें संदिग्ध कार के खिड़की पर लगा एक पर्दा और कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। इन कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने वारदात क्षेत्र के चारों ओर ५० किलोमीटर की परिधि में स्थापित १००० से अधिक निजी व सरकारी सीसीटीवी कैमरों के वीडियो फुटेज खंगाले। इसी गहन छानबीन के दौरान पुलिस की पैनी नजर एक ऐसी संदिग्ध कार पर पड़ी, जिसकी नंबर प्लेट को काले कपड़े से बेहद शातिर तरीके से ढका गया था।
१३०० किलोमीटर का महा-अभियान और आरोपियों की गिरफ्तारी
संदिग्ध वाहन की पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस ने आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों और पारंपरिक मुखबिर तंत्र का अचूक संयोजन करते हुए अपराधियों का पीछा करना शुरू किया। पुलिस की विशेष टीमों ने विभिन्न राज्यों और जिलों की सीमाओं को लांघते हुए करीब १३०० किलोमीटर की दूरी नापी और उनके संभावित छिपने के ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। अंततः घेराबंदी मजबूत करते हुए पुलिस ने कालवाड़ रोड-सिरसी लिंक रोड क्षेत्र से मुख्य आरोपी कमलेश कुमार बाज्या, अशोक मीणा उर्फ गोलू और विशाल मीणा को धर दबोचा। यह तीनों शातिर अपराधी पुलिस रिकॉर्ड में वांछित थे और इनकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित था।
बरामदगी और मुख्य सरगना का पुराना आपराधिक इतिहास
गिरफ्तारी के बाद कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह पूरी तरह स्वीकार कर लिया। अपराधियों ने खुलासा किया कि पकड़े जाने के डर से उन्होंने लूटे गए आभूषणों को तुरंत गला दिया था और उसे सात किलो चांदी की सिल्ली का रूप दे दिया था, जिसे पुलिस ने सफलतापूर्वक बरामद कर लिया है। वारदात में प्रयुक्त किराये की स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए मुख्य आरोपी कमलेश कुमार के खिलाफ पहले से ही विभिन्न थानों में करीब दो दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं। फिलहाल इस कांड में संलिप्त एक अन्य आरोपी जितेंद्र शर्मा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है, वहीं तीन अन्य संदिग्धों से भी गहन पूछताछ की जा रही है।
