भारतीय टीम की जीत पर दीप्ति शर्मा के परिवार में जश्न, माता-पिता ने कही दिल छू लेने वाली बात

भारतीय महिला क्रिकेट टीम द्वारा लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर मेजबान इंग्लैंड को एकमात्र टेस्ट मैच में 270 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त देकर रचे गए इतिहास के बाद देश भर में जश्न का माहौल है। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली जीत में अपनी फिरकी और धाकड़ बल्लेबाजी से अहम भूमिका निभाने वाली स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के गृह नगर सहारनपुर में उनके माता-पिता की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है।

दीप्ति के पिता भगवान शर्मा और माता सुशीला शर्मा ने भारतीय टीम की इस अविश्वसनीय सफलता पर गहरा गर्व व्यक्त किया है। उन्होंने न केवल अपनी बेटी के शानदार प्रदर्शन की सराहना की, बल्कि टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के कुशल नेतृत्व पर भी पूरा भरोसा जताया। इसके साथ ही उन्होंने आगामी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में टीम इंडिया के इसी विजयी रथ के जारी रहने की पुरजोर कामना की है।

टीवी पर सचिन तेंदुलकर को लड़कियों से हाथ मिलाते देख गर्व से चौड़ा हुआ सीना; पिता ने दीप्ति को दिया और बेहतर करने का मंत्र

सहारनपुर: दीप्ति शर्मा के पिता भगवान शर्मा ने अपनी बेटी और पूरी भारतीय टीम के जुझारू प्रदर्शन की तारीफ करते हुए मैच के दौरान के कुछ बेहद खास पलों को साझा किया:

  • पूरी टीम का शानदार प्रदर्शन: उन्होंने गर्व से कहा कि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को उसी के घर में 270 रनों के इतने बड़े अंतर से हराना कोई मामूली बात नहीं है। टीम की सभी खिलाड़ियों ने एक इकाई के रूप में बहुत ही बेहतरीन खेल दिखाया, जिसके कारण यह ऐतिहासिक परिणाम मिला।

  • क्रिकेट के भगवान ने थपथपाई पीठ: भगवान शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने टेलीविजन स्क्रीन पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को लॉर्ड्स के मैदान पर मौजूद देखा और उन्हें भारतीय बेटियों को बधाई देते व हाथ मिलाते पाया, तो एक पिता के रूप में उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

  • पिता की दीप्ति को सीख: उन्होंने अपनी बेटी दीप्ति के प्रदर्शन पर बात करते हुए कहा कि पहली पारी में 1 विकेट और दूसरी पारी में 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाना बेहद सराहनीय है। उन्होंने दीप्ति को संदेश दिया कि वह अपनी इस लय को टूटने न दे और आने वाले समय में देश के लिए इससे भी ज्यादा दमदार खेल दिखाए।

जापान एशियाई खेल 2026 पर टिकी हैं पिता की निगाहें; बोले- ऐतिहासिक फतह को आगे बढ़ाकर अब देश के लिए जीतना है स्वर्ण पदक

सहारनपुर: लॉर्ड्स की इस ऐतिहासिक टेस्ट जीत का जश्न मनाने के साथ ही दीप्ति के पिता की नजरें अब आगामी बड़े टूर्नामेंट्स पर टिक गई हैं:

  • पहली पारी का महत्वपूर्ण योगदान: मालूम हो कि दीप्ति शर्मा ने न सिर्फ गेंदबाजी में हाथ दिखाए, बल्कि भारत की पहली पारी में संकट के समय 57 रनों की बेहद उपयोगी अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम का कुल स्कोर 285 रन तक पहुंचाने में रीढ़ की हड्डी साबित हुई थीं।

  • एशियाड में गोल्ड की उम्मीद: आगामी सितंबर महीने में जापान में आयोजित होने वाले एशियाई खेलों (एशियाड 2026) को ध्यान में रखते हुए भगवान शर्मा ने पूरी टीम से इस ऐतिहासिक मोमेंटम को आगे ले जाने की बात कही। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरी टीम इसी तरह एकजुट होकर प्रदर्शन करेगी और जापान की धरती पर तिरंगा लहराकर देश की झोली में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) डालेगी।

घर का सारा कामकाज छोड़ टीवी के सामने बैठ जाती हैं मां सुशीला; हर मैच में पूरी टीम की जीत के लिए मंदिर में करती हैं विशेष पूजा

सहारनपुर: दीप्ति शर्मा की मां सुशीला शर्मा ने एक भावुक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि एक समय था जब उन्हें इस खेल के बारे में कुछ भी पता नहीं था, लेकिन आज वे भारतीय टीम की सबसे बड़ी प्रशंसक बन चुकी हैं:

  • भाई के खेल से हुई शुरुआत: सुशीला जी ने हंसते हुए पुरानी यादें ताजा कीं और बताया कि पहले जब दीप्ति का भाई क्रिकेट खेलने जाता था, तो वह अक्सर उसे टोकती थीं और कहती थीं कि पढ़ाई छोड़कर खेलने क्यों जा रहे हो? लेकिन जब से बेटी दीप्ति ने पेशेवर तौर पर बल्ला थामा और नीली जर्सी पहनी, तब से उन्हें क्रिकेट के सारे नियम समझ आने लगे हैं।

  • मैच के दिन काम से छुट्टी: अब स्थिति यह है कि जब भी भारतीय महिला टीम का मैच होता है, वे घर का सारा जरूरी काम छोड़कर टीवी स्क्रीन के सामने बैठ जाती हैं।

  • सभी बेटियों के लिए प्रार्थना: उन्होंने बताया कि मैच के दौरान वे लगातार न सिर्फ अपनी बेटी के लिए, बल्कि भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हर एक लड़की के लिए मंदिर में बैठकर भगवान से प्रार्थना और पूजा-अर्चना करती हैं। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स में दीप्ति ने शानदार रन बनाए और बेहतरीन विकेट लिए, लेकिन यह जीत टीम वर्क का नतीजा है। जब देश की सभी बेटियां एक साथ मिलकर अच्छा खेलेंगी, तो टीम अजेय बन जाएगी और पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन करेगी।

लॉर्ड्स की यादगार जीत ने दिया अकल्पनीय गौरव; देश की हर खिलाड़ी को मानती हैं अपनी बेटी

सहारनपुर: बातचीत के आखिरी चरण में सुशीला शर्मा का मातृत्व और राष्ट्रप्रेम साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर तिरंगा लहराते हुए देखने के बाद उन्हें जो आंतरिक गर्व और खुशी महसूस हुई है, उसे शब्दों में बयां करना नामुमकिन है:

  • समान आशीर्वाद: उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गर्व किसी एक व्यक्तिगत खिलाड़ी के लिए नहीं, बल्कि देश के गौरवशाली एप्रन (जर्सी) को पहनने वाले हर एक एथलीट के लिए है।

  • सच्ची खेल भावना: उन्होंने कहा, "मैं भारत की टीम में खेलने वाली सभी बेटियों को उतना ही प्यार और आशीर्वाद देती हूँ, जितना अपनी सगी बेटी दीप्ति को देती हूँ। जब देश की हर बेटी सुरक्षित, सशक्त और सफल होगी, तभी हमारा देश खेल के हर मैदान पर विश्व विजेता बनेगा।"

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