बिहार बंद के बीच हाई अलर्ट, संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात

पटना: नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा आहूत 'बिहार बंद' के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल सहित संवेदनशील चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। अनिसाबाद और इमारते शरिया समेत ज्यादातर इलाकों में व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें सामान्य रूप से खुली हुई हैं। वहीं, फुलवारीशरीफ क्षेत्र में सुरक्षा बलों की विशेष मुस्तैदी के बीच प्रदर्शनकारियों के जमावड़े को देखते हुए प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है।
नालंदा और गया में सड़कों पर उतरे आंदोलनकारी
बंद का असर राज्य के अन्य जिलों में भी दिखाई दे रहा है। नालंदा में आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने मुख्य मार्गों पर जुलूस निकालकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा तंत्र में सुधार की मांग कर रहे थे। उधर गया में भी छात्र संगठनों के सड़क पर उतरने से पुलिस व्यवस्था को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जहां गया कॉलेज के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।
प्रशासनिक सख्ती के तहत विधायक समेत कई गिरफ्तार
बिहार बंद के व्यापक स्वरूप को देखते हुए पटना पुलिस ने एक दिन पूर्व ही धरपकड़ की कार्रवाई शुरू कर दी थी। बीती शाम पुलिस ने भाकपा माले के विधायक संदीप सौरभ और आइसा के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय समेत 19 प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिया। इसके साथ ही विभिन्न पुलिस टीमों ने छात्र छात्रावासों की तलाशी भी ली। पटना के ज़िला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि शांति भंग करने और उपद्रव फैलाने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नीट धांधली और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष
यह पूरा विरोध प्रदर्शन नीट पेपर लीक प्रकरण के निष्पक्ष समाधान, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया है। इस बंद आंदोलन को वामपंथी दलों के साथ-साथ महागठबंधन के सहयोगी दलों जैसे राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ है।
गयाजी में संभावित व्यवधान को लेकर चौकस हुआ प्रशासन
गया में छात्र आंदोलन के संभावित असर को देखते हुए मुख्य मार्गों और संवेदनशील केंद्रों पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से गया कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी अनहोनी या हंगामे से निपटने के लिए सुरक्षाकर्मियों को मुस्तैद रहने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि आम नागरिकों को आवाजाही में अधिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
