CJP का सरकार पर बड़ा हमला, कहा- छात्रों के खिलाफ कार्रवाई तुरंत रोको

नई दिल्ली। NEET प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने केंद्र सरकार के सामने अपना पक्ष रखा था, जिसमें प्रदर्शनकारियों पर किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न करने का आश्वासन शामिल था। हालांकि पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसी राज्य एजेंसियों द्वारा छात्रों और आंदोलनकारियों को निशाना बनाने, उन्हें हिरासत में लेने तथा गिरफ्तार करने की लगातार खबरें मिल रही हैं। सीजेपी ने इन घटनाओं पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
लीगल टीम की कार्रवाई और सरकार से अपील
पार्टी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने देशव्यापी आंदोलन को इसी शर्त पर स्थगित किया था कि किसी भी राज्य में प्रदर्शनकारियों पर बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं होगी। सौरव दास ने कहा कि उनकी कानूनी टीम असम, बिहार और पश्चिम बंगाल के स्थानीय वकीलों के साथ मिलकर हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके साथ ही सीजेपी ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से अपने वादे को तुरंत निभाने, हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल छोड़ने और दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों (FIR) को वापस लेने की पुरजोर अपील की है।
लिखित आश्वासन की मांग और अंतिम चेतावनी
सीजेपी प्रवक्ता ने सरकार को याद दिलाया कि उसने 28 जुलाई तक इस संदर्भ में लिखित गारंटी देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन रोकना एक सकारात्मक कदम था और यदि सरकार अपने वादे से पीछे हटती है तो यह न केवल पार्टी के साथ बल्कि देश के लाखों युवाओं के भरोसे के साथ खिलवाड़ होगा। सीजेपी ने युवाओं से धैर्य रखने का आग्रह करते हुए कहा कि वे पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़े हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि कल तक सभी गिरफ्तार लोगों की रिहाई और मुकदमे वापस लेने की मांग पूरी नहीं की गई, तो वे आगे के कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
