छात्रों पर कार्रवाई को लेकर संसद में हंगामा, गृह मंत्री से इस्तीफे नहीं बल्कि माफी की मांग

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा गृह मंत्री अमित शाह से क्षमा याचना की मांग किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रत्येक विषय पर बातचीत के लिए तत्पर है, किंतु उससे पूर्व कांग्रेस को तेलंगाना के युवाओं की समस्याओं का समाधान करना होगा।
संसद में बहस के लिए रखी शर्त
भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने विपक्षी दल पर तंज कसते हुए स्पष्ट किया कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर बहस कराने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने शर्त रखते हुए कहा कि कांग्रेस पहले तेलंगाना के नवयुवकों के समक्ष आ रही चुनौतियों को हल करे, उसके बाद ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा संभव होगी। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश हित में अपना पद त्याग दिया, जबकि दूसरी तरफ तेलंगाना में कांग्रेस सरकार आदिवासियों की भूमियों को छीनने में लगी है।
तेलंगाना मुख्यमंत्री से नौकरियों पर सवाल
भाजपा सांसद ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को घेरते हुए उनके चुनावी वादों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि राज्य के दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का जो आश्वासन दिया गया था, उस पर अब तक क्या प्रगति हुई है? उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी और भूमि विवाद के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
राष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप
उल्लेखनीय है कि नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरण के बाद दिल्ली में भड़के छात्र आंदोलन के दबाव में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। भाजपा का मानना है कि विपक्ष अपने शासित राज्यों की विफलताओं और अधूरे वादों को छिपाने के लिए केंद्र सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाकर मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है।
