रसोई गैस की कीमतों में बदलाव? आज आपके शहर में 14.2 किलो सिलेंडर का क्या है भाव

नई दिल्ली:जुलाई महीने के अंतिम दिन देश में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की दरें स्थिर बनी हुई हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कुछ जहाजों की आवाजाही शुरू होने की खबरों के बीच कच्चे तेल में मामूली नरमी देखी गई है, जिसके चलते तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल गैस सिलेंडर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
महीने की पहली तारीख को नई दरों की संभावना
आगामी 1 अगस्त से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन होने की पूरी संभावना बनी हुई है। देश की तेल विपणन कंपनियां अमूमन हर महीने की पहली तारीख को ही ईंधन की दरों की व्यापक समीक्षा करती हैं और स्थिति के अनुसार उसी दिन नई कीमतें लागू करती हैं। इस व्यवस्था के तहत माना जा रहा है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कल सुबह देश भर के लिए गैस सिलेंडर के नए रेट जारी कर सकती हैं।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल में उछाल का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इराक में हुई अमेरिकी सेना की एयर स्ट्राइक के बाद अचानक हलचल मच गई है, जिससे ब्रेंट क्रूड 7.4 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 90.31 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आई इस अचानक तेजी के कारण भारतीय तेल कंपनियों के लिए आयात लागत काफी बढ़ गई है, जिससे माना जा रहा है कि कल होने वाली समीक्षा बैठक में रसोई गैस महंगी हो सकती है।
भारत की आयात पर निर्भरता और एलपीजी खपत
भारत विश्व स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है, जो अपनी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। बीते वर्ष भारत ने अपने कुल 21.85 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा मध्य पूर्व के देशों से ही मंगाया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश में रसोई गैस की कुल खपत में आयातित एलपीजी की हिस्सेदारी करीब 66 फीसदी है।
कमर्शियल और घरेलू सिलेंडर के हालिया बदलाव
इससे पहले 1 जुलाई को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 183.50 रुपये की राहत दी गई थी, जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ी राहत मिली थी। वहीं दूसरी ओर घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में अंतिम बार 7 जून को 29 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद से दरें स्थिर चल रही हैं।
