क्या फिर दिखेंगे टीम इंडिया की जर्सी में भुवनेश्वर कुमार? जानें उन्होंने क्या कहा

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी स्विंग गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय टीम में वापसी करना अब उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता नहीं रह गई है। उनका कहना है कि वे अब मैदान पर सिर्फ इसलिए उतरते हैं क्योंकि उन्हें क्रिकेट से गहरा लगाव है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी के शानदार विकास का श्रेय पूर्व कप्तान विराट कोहली और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री की सोच को दिया।
36 साल के भुवनेश्वर ने भारत के लिए अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला साल 2022 में खेला था। वे अपने करियर में अब तक 21 टेस्ट, 121 वनडे और 87 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हाल ही में आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को चैंपियन बनाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
'देश के लिए खेलने का सपना हो चुका है पूरा'
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान भुवनेश्वर ने कहा, "मैं आईपीएल और घरेलू टूर्नामेंट्स केवल इसलिए खेलता हूँ क्योंकि मुझे इस खेल से बेइंतहा प्यार है। पहले जब देश के लिए खेलते थे तब भी यह बात कहते थे, लेकिन आज मैं इस अहसास को महसूस कर पाता हूँ। भारत के लिए खेलने का जो सपना था, वह पूरा हो चुका है। अगर भविष्य में दोबारा मौका मिलता है तो यह बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन फिलहाल मैं केवल खेल के आनंद के लिए मैदान पर उतर रहा हूँ।" उन्होंने बताया कि खुद को पूरी तरह फिट रखने के लिए वे घरेलू क्रिकेट और उत्तर प्रदेश टी20 लीग में नियमित खेलते हैं, साथ ही अपने शरीर को तरोताजा रखने के लिए पर्याप्त आराम भी लेते हैं।
कठिन समय में परिवार का मिला भरपूर साथ
भुवनेश्वर ने बताया कि राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के दौर में उनके परिवार ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाए रखा। उन्होंने कहा, "मैं अपनी जिंदगी से पूरी तरह संतुष्ट हूँ और इसका श्रेय अपने परिवार को जाता है। हमारे घर में इस बात पर कभी चर्चा नहीं होती कि भारतीय टीम में चयन क्यों नहीं हुआ या क्या कमी रह गई। खेल में बदलाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और हर खिलाड़ी के जीवन में यह पड़ाव आता है। मुझे किसी बात का पछतावा नहीं है, मैं आज जहाँ भी हूँ, खुश हूँ।"
विराट और शास्त्री ने तैयार की तेज गेंदबाजों की नई पौध
भुवनेश्वर ने भारतीय तेज गेंदबाजी के निखार का श्रेय आईपीएल के साथ-साथ विराट कोहली और रवि शास्त्री की रणनीति को भी दिया। उन्होंने कहा, "आईपीएल ने कई युवा और प्रतिभाशाली तेज गेंदबाजों को अपनी पहचान बनाने का मंच दिया। हालांकि, विराट कोहली और रवि शास्त्री की दूरगामी सोच बेहद निर्णायक साबित हुई। विदेशी दौरों की तैयारी के लिए घरेलू टेस्ट मैच भी ऐसी पिचों पर आयोजित किए गए जो तेज गेंदबाजों के अनुकूल थीं। उनका मुख्य उद्देश्य एक मजबूत पेस अटैक तैयार करना था, और इस तरह की छोटी-छोटी रणनीतियों का बहुत बड़ा असर देखने को मिला।"
प्रवीण कुमार से मिली शुरुआती प्रेरणा
मेरठ में बीते अपने शुरुआती दिनों की यादों को साझा करते हुए भुवनेश्वर ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार को अपना प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा, "मेरठ की एक ही अकादमी से हम दोनों ने शुरुआत की थी। मैं थोड़ा शर्मीले स्वभाव का था, इसलिए उनसे ज़्यादा सवाल नहीं पूछता था। बस उन्हें अभ्यास करते देखता और बहुत कुछ सीखता था। अपने कोच और वरिष्ठ खिलाड़ियों से जो मार्गदर्शन मुझे मिला, वही आज भी मेरी गेंदबाजी का मुख्य आधार है।"
