सरकारी स्कूलों में घट गए 23 लाख प्रवेश

भोपाल । सरकारी स्कूलों में प्रवेश बढ़ाने के राज्य सरकार लाख दावे कर ले, लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी स्कूलों में हर साल प्राथमिक व माध्यमिक कक्षाओं में बच्चों की संख्या 3 से 4 लाख कम हो रही है। 2014 से 2019 के बीच प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं में प्रवेश की संख्या 23 लाख घट गई है। 2014 में दो वर्गों में सरकारी स्कूलों में 86 लाख एडमिशन हुए थे, जबकि इस साल सिर्फ 63 लाख एडमिशन हुए हैं। जानकारों के मुताबिक इसका मुख्य कारण अभिभावकों का निजी स्कूलों में झुकाव है। वहीं सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और अंग्रेजी माध्यम ना होने के कारण बच्चों का प्रवेश कम हो रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में बच्चों के संख्या बढ़ाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करता है, लेकिन हर साल संख्या घटती जा रही है। आरटीई के तहत शासन की ओर से निजी स्कूलों को हर साल 80 से 90 करोड़ स्र्पए दिए जाते हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि अगर हर साल इतनी बड़ी राशि सरकारी स्कूलों के ऊपर खर्च करे तो शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
