कुलदीप यादव के ब्रेक की वजह आई सामने, साईराज बहुतुले ने फिटनेस पर भी दिया अपडेट

भारतीय स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने स्पष्ट किया है कि कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच की दूसरी पारी में गेंदबाजी फिटनेस से जुड़ी किसी समस्या के कारण नहीं छोड़ी थी। उन्होंने अपने शरीर को आराम देने और भारी वर्कलोड के बाद की स्थिति का आकलन करने के लिए खुद ही ब्रेक लिया था।
क्यों लिया था कुलदीप ने ब्रेक?
श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट श्रृंखला से पहले भारतीय खेमे के लिए कुलदीप की फिटनेस को लेकर राहत भरी जानकारी सामने आई है। कोच बहुतुले ने रविवार को बताया कि बाएं हाथ के इस कलाई के स्पिनर ने अभ्यास मैच में कुछ देर गेंदबाजी के बाद खुद ही आराम करने का फैसला किया, ताकि यह समझा जा सके कि अधिक वर्कलोड के बाद उनका शरीर कैसा रिस्पॉन्स कर रहा है।
कुलदीप ने तीन दिवसीय अभ्यास मैच के दौरान कुल 18 ओवर फेंके थे, जबकि मैच शुरू होने से पहले भी उन्होंने दो-तीन ओवर गेंदबाजी की थी। कोच ने साफ किया कि उन्हें रोकना केवल एक एहतियाती कदम था, क्योंकि वह अपनी शारीरिक स्थिति को अच्छी तरह परखना चाहते थे।
रविंद्र जडेजा और मानव सुथार को भी मिला लंबा स्पेल
भारतीय टीम ने इस अभ्यास मैच का भरपूर फायदा उठाते हुए श्रीलंकाई परिस्थितियों का जायजा लिया और अपने सभी स्पिन विकल्पों को परखा। रविंद्र जडेजा और मानव सुथार ने लगभग 14 से 15 ओवर गेंदबाजी की, जबकि सारांश जैन को भी अपनी काबिलियत दिखाने का पूरा मौका मिला।
बहुतुले के अनुसार, इस मैच से गेंदबाजों को पिच के बदलते मिजाज को समझने में काफी मदद मिली। शुरुआत में पिच काफी सपाट थी और स्पिनरों को ज्यादा टर्न नहीं मिल रहा था, लेकिन खेल आगे बढ़ने के साथ ही पिच पर गेंद टर्न होने लगी, जो स्पिन गेंदबाजों के अभ्यास के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ।
शुभमन गिल की चोट को लेकर भी स्थिति साफ
अभ्यास मैच से पहले नेट्स में दाएं हाथ पर लगी चोट के बाद कप्तान शुभमन गिल की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई थी। हालांकि, प्रबंधन ने सावधानी बरतते हुए उन्हें पहले दिन बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा था। इसके बाद गिल ने मैच में न सिर्फ बल्लेबाजी की और उपयोगी रन जोड़े, बल्कि कैचिंग ड्रिल में भी हिस्सा लिया।
कोच बहुतुले ने बताया कि गिल पूरी तरह स्वस्थ हैं और सामान्य रूप से अपनी ट्रेनिंग कर रहे हैं। उन्हें पहले दिन मैदान पर न उतारना सिर्फ एक एहतियाती फैसला था। इसके अलावा, गिल श्रीलंकाई स्पिन आक्रमण की चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहद बारीकी और गंभीरता के साथ अपनी खास तैयारी में जुटे हुए हैं।
देवदत्त पडिक्कल ने मजबूत किया अपना दावा
अभ्यास मैच में शानदार शतक जड़ने वाले देवदत्त पडिक्कल ने प्लेइंग-11 में अपनी जगह के लिए मजबूत दावा ठोक दिया है। हालांकि, कोच का कहना है कि अंतिम एकादश को लेकर फैसला गॉल की पिच और वहां की परिस्थितियों को देखने के बाद ही लिया जाएगा। पडिक्कल ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से खुद को पूरी तरह तैयार साबित कर दिया है।
चार स्पिनरों के बीच चयन की चुनौती
भारतीय टीम के पास इस समय रविंद्र जडेजा, मानव सुथार, सारांश जैन और कुलदीप यादव के रूप में चार शानदार स्पिन विकल्प मौजूद हैं। कोच बहुतुले ने माना कि चारों की अपनी अलग खूबियां हैं, जिससे गॉल टेस्ट के लिए अंतिम ग्यारह का चयन करना आसान नहीं होगा।
रविंद्र जडेजा: टीम को उनका अनुभव मिलता है।
मानव सुथार: अपनी सटीक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं।
सारांश जैन: घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं।
कुलदीप यादव: विविधता से भरे कलाई के स्पिनर हैं।
निचले क्रम की बल्लेबाजी और डब्ल्यूटीसी पर नजर
भारतीय टीम अभ्यास मैच के दौरान अपने निचले क्रम के बल्लेबाजों को भी पर्याप्त समय दे रही है, ताकि टेस्ट मैचों में टेल-एंडर्स टीम के स्कोर को मजबूत करने में योगदान दे सकें।
मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में भारतीय टीम पांचवें पायदान पर है। कोच बहुतुले ने जोर देकर कहा कि डब्ल्यूटीसी का यह चक्र टीम के लिए बहुत अहम है और हर एक सीरीज महत्वपूर्ण है। टीम का मुख्य लक्ष्य श्रीलंका में श्रृंखला जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की करना और खिताब अपने नाम करना है।
