सात साल की शादी के बाद सामने आया दहेज प्रताड़ना का मामला, महिला को छत से फेंकने का आरोप

कन्नौज: दहेज की मांग पूरी न होने और पति के अवैध संबंधों का विरोध करने पर ससुरालियों द्वारा एक विवाहिता के साथ अमानवीय मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ससुराल वालों ने जान से मारने की नीयत से विवाहिता को छत से नीचे फेंक दिया, जिससे उसका हाथ और रीढ़ की हड्डी गंभीर रूप से टूट गई। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर पीड़िता के पिता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट के सख्त आदेश पर पुलिस ने पति समेत छह नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

दहेज प्रताड़ना और बेरहमी से मारपीट की घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के फूलपुर गांव निवासी प्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी कविता का विवाह सात वर्ष पूर्व छिबरामऊ क्षेत्र के सुजातनगर निवासी नानकराम के साथ किया था। आरोप है कि शादी के महज दो साल बाद से ही पति और अन्य ससुरालीजन कम दहेज को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित करने लगे। जब विवाहिता ने पति के अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंधों का कड़ा विरोध किया, तो गत 9 जुलाई को पति नानकराम, गोविंद मिचकुना, राजकुमारी और सास शशि ने मिलकर उसे एक कमरे में बंद कर दिया और बेरहमी से पीटा। किसी तरह जान बचाकर जब वह छत पर पहुंची, तो आरोपियों ने उसे धक्का देकर नीचे फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

पुलिस कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण

पीड़िता के पिता का आरोप है कि इस गंभीर घटना की शिकायत स्थानीय थाने और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में देने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पुलिस की उदासीनता से तंग आकर उन्होंने न्यायालय में न्याय की गुहार लगाई। अदालत के आदेश पर हरकत में आई पुलिस ने अब इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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