दिल्ली में जन्माष्टमी मनाने का बना रहे हैं प्लान? इन 4 मंदिरों की लिस्ट कर लें सेव

राजधानी दिल्ली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। वर्ष 2026 में जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा, जिसको लेकर शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा, महाभिषेक, कीर्तन और झांकियों की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस्कॉन के वैष्णव पंचांग के अनुसार, 4 सितंबर को जन्माष्टमी तथा 5 सितंबर को नंदोत्सव मनाया जाएगा। दिल्ली के लिए निशीथ पूजा (मध्यरात्रि पूजा) का शुभ समय 4 सितंबर की रात 11:57 बजे से 5 सितंबर तड़के 12:43 बजे तक रहेगा।
प्रमुख मंदिरों में जन्मोत्सव के विशेष आयोजन
इस्कॉन मंदिर (ईस्ट ऑफ कैलाश): ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में 108 कलशों से भगवान का महाभिषेक किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 108 महाआरती, निरंतर हरिनाम संकीर्तन और मध्यरात्रि में बाल गोपाल के प्राकट्य का भव्य उत्सव मुख्य आकर्षण रहेगा।
इस्कॉन मंदिर (द्वारका): द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर में विशेष कथा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, महाआरती और छप्पन भोग का आयोजन किया गया है। मंदिर परिसर को भव्य पुष्प सज्जा से अलंकृत किया गया है।
बिड़ला मंदिर (लक्ष्मी नारायण मंदिर): पारंपरिक वातावरण और सपरिवार दर्शन हेतु बिड़ला मंदिर में विशेष झांकियां और पूजा-अर्चना की व्यवस्था की गई है।
स्थानीय आयोजन और श्रद्धालुओं के लिए दिशानिर्देश
मंदिरों के अतिरिक्त दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय समितियों द्वारा डिजिटल झांकियों और मटकी फोड़ कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जन्मोत्सव के दृष्टिगत प्रमुख मंदिरों के आसपास यातायात परिवर्तन (ट्रैफिक डायवर्जन) लागू किए गए हैं:
परिवहन: भीड़भाड़ और पार्किंग की समस्या से बचने के लिए श्रद्धालुओं को दिल्ली मेट्रो एवं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था: मध्यरात्रि की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिरों में प्रवेश हेतु पृथक पंक्तियों एवं सुरक्षा जांच की विशेष व्यवस्था की गई है।
