9/11 हमले से पहले की तस्वीरों ने खोले राज, FBI की जांच पर फिर उठे सवाल

लंदन| 11 सितंबर 2001 को हुए भयानक आतंकवादी हमलों के लगभग 25 वर्षों बाद ओमर अल-बायूमी को लेकर नए और चौंकाने वाले सवाल सामने आ रहे हैं। हाल ही में उजागर हुए पुराने वीडियो फुटेज में बायूमी को अल-कायदा के भावी चरमपंथी नेता अनवर अल-अवलाकी के साथ देखा जा सकता है। एक वीडियो में दोनों सैन डिएगो के करीब सैन्य अंदाज़ में पेंटबॉल खेलते दिख रहे हैं, जबकि दूसरे फुटेज में वे एक-दूसरे से गले मिलते नज़र आते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये वीडियो फुटेज अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने 9/11 हमलों के तुरंत बाद ही हासिल कर लिए थे।
गौरतलब है कि बायूमी वर्ष 1994 में सऊदी अरब से सैन डिएगो पहुँचा था और उसने दावा किया था कि वह वहाँ अंग्रेज़ी सीखने आया है। लेकिन बाद में वह कई धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय पाया गया। 9/11 हमलों के बाद जांच एजेंसियों ने उस पर गहरी शंका जताई थी।
पेंटबॉल ट्रेनिंग वीडियो का कड़वा सच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 1997 या 1998 की शुरुआत में रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में बायूमी, अवलाकी और उनके अन्य साथी सैन्य शैली में पेंटबॉल खेलते दिखाई देते हैं। इनमें से कई प्रतिभागियों ने फौजी पोशाक पहन रखी थी। खेल और मुक़ाबले के दौरान कुछ लोग धार्मिक नारे भी लगा रहे थे। जांच अधिकारियों को बाद में पता चला कि ये पेंटबॉल सत्र महज़ खेल नहीं, बल्कि कुछ लोगों के लिए कट्टरपंथी जिहादी प्रशिक्षण का हिस्सा थे। इस फुटेज में सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी की मौजूदगी की बात भी सामने आई है।
गिरफ्तारी के दौरान मिला सबसे सनसनीखेज दस्तावेज
21 सितंबर 2001 को ब्रिटेन की पुलिस ने बायूमी को लंदन से हिरासत में लिया था। उसकी तलाशी लेने पर हज़ारों दस्तावेज़, तस्वीरें और करीब 80 से ज़्यादा वीडियो टेप बरामद हुए थे। इन चीज़ों के बीच एक ऐसी नोटबुक का पन्ना मिला जिसने जांचकर्ताओं को हैरान कर दिया।
उस पन्ने पर एक हवाई जहाज़ का रेखाचित्र बना हुआ था और साथ ही विमान की ऊँचाई व किसी विशिष्ट लक्ष्य से उसकी दूरी का सटीक गणितीय हिसाब लिखा हुआ था। 9/11 के पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाली कानूनी टीम ने इसे इस पूरे मामले का सबसे निर्णायक और बड़ा सबूत माना। न्यायिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह दस्तावेज़ सीधा संकेत देता है कि बायूमी को हमलों की पूर्व जानकारी थी।
ठप पड़ी जांच और प्रशासनिक रुकावटें
सवाल यह उठता है कि इतने पुख्ता सबूत होने के बावजूद जांच एजेंसियां आगे क्यों नहीं बढ़ सकीं? जाँच की रिपोर्ट बताती है कि सैन डिएगो में तैनात एफबीआई अधिकारियों ने ब्रिटेन में ज़ब्त की गई सामग्रियां बार-बार माँगी थीं, लेकिन उन्हें समय पर बहुत कम जानकारी मुहैया कराई गई।
जांच का नेतृत्व करने वाले पूर्व अधिकारियों का कहना है कि यदि उन्हें वह सबूत समय पर मिल जाते, तो वे 9/11 की पूरी साजिश की कड़ियों को बहुत पहले जोड़ सकते थे। जब अधिकारियों ने बायूमी से जुड़े उच्च सऊदी अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति माँगी, तो उन्हें रोक दिया गया। जांचकर्ताओं ने इस रुकावट की तुलना एक अचानक आई दीवार से की है।
आरोपों से इनकार और मौजूदा स्थिति
तमाम संदेहों के बावजूद बायूमी पर कभी भी आधिकारिक तौर पर आपराधिक आरोप तय नहीं किए गए। हालांकि, पूर्व अभियोजकों का कहना है कि जिसके पास से ऐसे दस्तावेज़ और फुटेज मिले हों, उस पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद था।
9/11 के भीषण हादसों में 2,976 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी। बायूमी ने हमेशा इन हमलों में अपनी किसी भी भूमिका से साफ़ इनकार किया है। वहीं सऊदी अरब सरकार ने भी इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है कि उसका या उसके किसी अधिकारी का इन हमलों से कोई लेना-देना था। वर्तमान में ये सभी सबूत 9/11 पीड़ित परिवारों द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ दायर किए गए एक खरब (ट्रिलियन) डॉलर के बड़े मुकदमे के तहत सार्वजनिक किए जा रहे हैं।
