जोधपुर में गरजे जापानी फाइटर जेट: वीर गार्जियन युद्धाभ्यास का पाकिस्तानी कनेक्शन

जोधपुर। जोधपुर एयरबेस पर जापानी शक्तिशाली एफ-2ए फाइटर जेट पहुंच चुके हैं, जहाँ वे भारतीय वायुसेना के सुखोई-30एमकेआई विमानों के साथ संयुक्त हवाई युद्धाभ्यास वीर गार्जियन में हिस्सा ले रहे हैं। 9 से शुरू होकर 22 सितंबर तक चलने वाला अभ्यास हवा से हवा में मुकाबला, डॉगफाइट, रात्रि अभियान और हवा में ईंधन भरने जैसी जटिल तकनीकों पर केंद्रित है। इसका प्राथमिक लक्ष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हवाई-समुद्री अभियानों में सहयोग बढ़ाना है, साथ ही पाकिस्तानी वायुसेना के एफ-16 फाइटर जेट्स से निपटने की भारतीय क्षमता को मजबूत करना महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
इस युद्धाभ्यास में जापान के एफ-2ए फाइटर जेट की भूमिका विशेष रूप से अहम है। मित्सुबिशी हैवी इंडस्ट्रीज और अमेरिकी लॉकहीड मार्टिन के सहयोग से विकसित यह विमान अमेरिकी एफ-16 के डिज़ाइन पर आधारित है, लेकिन जापान ने अपनी विशिष्ट समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप इसमें पंखों, रडार और अन्य प्रणालियों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
एफ-2ए फाइटर के साथ अभ्यास वायुसेना को एफ-16 जैसे विमानों से जुड़े खतरों का सामना करने का अमूल्य अनुभव प्रदान कर रहा है, क्योंकि पाकिस्तान के पास भी अमेरिकी एफ-16 फाइटर फाल्कन विमानों का बेड़ा है। यह प्रशिक्षण भारतीय वायुसेना को उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और राडार से चकमा देने की रणनीतियाँ विकसित करने में सीधी मदद करेगा। उल्लेखनीय है कि 27 फरवरी 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक के दौरान भारतीय वायुसेना का सामना एफ-16 फाइटर जेट से हुआ था, जिसमें विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने अपने मिग-21 बाइसन से एक पाकिस्तानी एफ-16 जेट को मार गिराया था।
वीर गार्जियन अभ्यास का यह दूसरा चरण है। इससे पहले जनवरी 2023 में भारतीय वायुसेना के चार एसयू-30एमकेआई विमानों ने जापान के हयाकुरी एयरबेस पर जापान के एफ-2 और एफ-15 लड़ाकू विमानों के साथ प्रशिक्षण लिया था। इस संयुक्त अभ्यास का निर्णय सितंबर 2022 में टोक्यो में हुई भारत-जापान विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक में लिया गया था, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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