मिलावटखोरों पर शिकंजा: हाजीपुर में 72 किलो पनीर नष्ट, फतुहा में फॉर्मेलिनयुक्त 126 लीटर दूध जब्त कर कराया गया नष्ट

पटना। बिहार में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य मिलावट और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर राज्यभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, छापेमारी, नमूना संग्रह और प्रयोगशाला परीक्षण की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में हाजीपुर, दरभंगा और पटना में खाद्य सुरक्षा टीमों ने कार्रवाई करते हुए एक्सपायर्ड, खराब और मानकों के विपरीत पाए गए खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया। फतुहा क्षेत्र में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन की मौजूदगी पाए जाने के बाद करीब 126 लीटर दूध नष्ट कराया गया। वहीं, पटना के संतुष्टि स्वीट्स और उसकी विनिर्माण इकाई का औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
– हाजीपुर में 72 किलो पनीर में स्टार्च की मिलावट
वैशाली जिले के हाजीपुर स्टेशन रोड में खाद्य सुरक्षा टीम ने मिलावटी पनीर के खिलाफ कार्रवाई की। सुधीर किराना दुकान से 14 किलो पनीर जब्त किया गया, जिसमें स्टार्च की मिलावट पाई गई। इसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। इसी तरह श्री गणेश पनीर हाउस से 58 किलो पनीर में स्टार्च की मिलावट पाए जाने पर उसे भी नष्ट कराया गया। दोनों मामलों में नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
– दरभंगा में एक्सपायर्ड दूध और खराब पनीर मिला
दरभंगा जिले के बेनीपुर स्थित आशापुर चौक के सुधा मिल्क पार्लर में जांच के दौरान 21 लीटर एक्सपायर्ड दूध और 18 किलो खराब पनीर पाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत दोनों खाद्य सामग्रियों को मौके पर ही नष्ट कराया गया। टीम ने वहां से खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
– फतुहा में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन की मौजूदगी
पटना जिले के सबलपुर, फतुहा स्थित टेढ़ी पुल के समीप राजीव डेयरी में खाद्य सुरक्षा टीम ने दूध और पनीर की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, दूध के नमूने में फॉर्मेलिन की मौजूदगी पाई गई। इसके बाद करीब 126 लीटर दूध नष्ट कराया गया। आवश्यक नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
– फूड सप्लीमेंट निर्माण इकाई से छह नमूने लिए
फतुहा थाना क्षेत्र के बाजितपुर स्थित अलेक्सा फूड्स और सप्लीमेंट्स में भी खाद्य सुरक्षा विभाग, औषधि निरीक्षक, आयुष निदेशालय और पुलिस की संयुक्त टीम ने निरीक्षण एवं छापेमारी की। परिसर में फूड सप्लीमेंट, कच्चा माल और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिले। कुछ तैयार और कुछ अर्द्धनिर्मित फूड सप्लीमेंट भी पाए गए। जांच के लिए कुल छह नमूने संग्रहित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान फूड सप्लीमेंट के अलावा कोई अन्य औषधि या आपत्तिजनक पदार्थ नहीं मिला। संस्थान के स्वामी ने संबंधित खाद्य विनिर्माण अनुज्ञप्ति उपलब्ध होने की जानकारी दी है। दस्तावेजों और प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
– ‘जनता की थाली से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक्सपायर्ड, खराब, मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थों का भंडारण, उपयोग अथवा बिक्री किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
– क्या है फॉर्मेलिन?
फॉर्मेलिन, फॉर्मल्डिहाइड का जलीय घोल है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से जैविक नमूनों और ऊतकों को संरक्षित करने में किया जाता है। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। फॉर्मल्डिहाइड के अधिक या लंबे समय तक संपर्क को गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों से जोड़ा गया है। इसलिए खाद्य पदार्थों में इसकी मौजूदगी को खाद्य सुरक्षा की गंभीर चिंता माना जाता है।
