सचिन वाजे को बड़ी राहत, एंटीलिया बम केस में विशेष NIA अदालत ने दी जमानत

मुंबई। मुंबई की स्पेशल एनआईए (NIA) अदालत ने चर्चित एंटीलिया बम धमकी और व्यवसायी मनसुख हिरेन हत्याकांड मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को मंगलवार, 29 सितंबर को जमानत दे दी है। हालांकि, इस मामले में अदालत का विस्तृत आदेश अभी सामने आना बाकी है।
जेल में बंद आरोपियों में शामिल थे सचिन वाजे
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सचिन वाजे उन गिने-चुने आरोपियों में से एक थे जो अब तक जेल में सजा काट रहे थे, जबकि इस केस के अधिकांश आरोपी पहले ही जमानत पा चुके हैं। जमानत पाने वालों में मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी प्रदीप शर्मा, सुनील माने और रियाजुद्दीन काजी भी शामिल हैं। विशेष एनआईए कोर्ट ने इस मामले में गत 1 अगस्त को आरोपियों पर औपचारिक आरोप तय किए थे।
क्या था पूरा एंटीलिया और मनसुख हिरेन मामला?
यह पूरा मामला 25 फरवरी 2021 का है, जब उद्योगपति मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के बाहर एक संदिग्ध स्कॉर्पियो कार बरामद हुई थी। इस गाड़ी में जिलेटिन की छड़ें और एक धमकी भरा पत्र रखा गया था। इस सनसनीखेज घटना के कुछ ही दिनों बाद, उस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का शव ठाणे क्रीक से मिला था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में यह बात सामने आई थी कि बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे इस पूरी साजिश का मुख्य मास्टरमाइंड था, जिसने अपनी अहमियत साबित करने और पैसों के लिए यह खौफनाक ताना-बाना बुना था।
साजिश में अन्य पूर्व पुलिस अधिकारियों की भूमिका
एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के लिए मुंबई पुलिस कमिश्नरेट बिल्डिंग में कई बैठकें हुईं थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि सचिन वाजे ने मनसुख हिरेन की हत्या के लिए जाने-माने 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' और पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को 45 लाख रुपये दिए थे। इस मामले में क्रिकेट बुकी नरेश गौर पर वाजे को सिम कार्ड उपलब्ध कराने का आरोप है, जबकि प्रदीप शर्मा पर हत्या की मुख्य साजिश में शामिल होने का गंभीर आरोप है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह का अचानक तबादला कर दिया गया था और राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया था।
