BJP ने पंचायत चुनाव के लिए कसी कमर, राजस्थान में 5 नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी

जयपुर। राजस्थान में शहरी निकाय चुनावों के बाद अब पंचायती राज संस्थाओं (ग्रामीण सरकारों) के चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ग्रामीण इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस खेमे में फिलहाल ऐसी कोई बड़ी संगठनात्मक हलचल नजर नहीं आ रही है।
बीजेपी के शीर्ष नेताओं का जिलावार प्रवास
पार्टी संगठन को सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों की मॉनिटरिंग करने के लिए बीजेपी ने अपने दिग्गजों के जिलावार प्रवास कार्यक्रम जारी कर दिए हैं:
संजय भाटिया (राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी): 30 सितंबर को खैरथल व अलवर तथा 1 अक्टूबर को भरतपुर और दौसा में कार्यकर्ता बैठकों को संभालेंगे।
हरीश द्विवेदी (राष्ट्रीय महामंत्री): 30 सितंबर को चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़, 1 अक्टूबर को बांसवाड़ा व डूंगरपुर और 2 अक्टूबर को उदयपुर में रहेंगे।
कुलजीत सिंह चहल (प्रदेश सह-प्रभारी): 30 सितंबर को झुंझुनू व सीकर तथा 1 अक्टूबर को कोटपूतली-बहरोड़ में बैठकों की कमान संभालेंगे।
मदन राठौड़ (प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद): 30 सितंबर को टोंक व अजमेर, 1 अक्टूबर को ब्यावर व भीलवाड़ा तथा 2 अक्टूबर को राजसमंद दौरे पर रहेंगे।
अजय कुमार (प्रदेश महामंत्री संगठन): 30 सितंबर को जयपुर (उत्तर व दक्षिण), 1 अक्टूबर को चूरू व बीकानेर तथा 2 अक्टूबर को श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ में बैठकें करेंगे।
कांग्रेस खेमे में सन्नाटा और रणनीति का इंतजार
एक तरफ जहां सत्ताधारी दल बीजेपी ने अपने प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारकर सियासी जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से अभी तक किसी स्पष्ट चुनावी रणनीति या जिलावार दौरों का ऐलान नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी की यह समयपूर्व और आक्रामक तैयारी ग्रामीण चुनावों में उसे बढ़त दिला सकती है।
