नेपाल में पीरियड लीव पर बड़ा फैसला, सरकारी महिलाओं को मिल सकता है छुट्टी का अधिकार

काठमांडू। नेपाल सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 'पीरियड लीव' (मासिक धर्म अवकाश) देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके लिए सरकार की ओर से संघीय सिविल सेवा से जुड़े कानूनों में संशोधन और समेकन बिल में इस अवकाश को भी शामिल कर लिया गया है। इस बिल को हाल ही में संघीय संसद सचिवालय में पेश किया गया है। यदि यह बिल पास होकर कानून का रूप ले लेता है, तो नेपाल उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जो महिलाओं को इस तरह की छुट्टी देते हैं।

अन्य देशों और भारत की स्थिति

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दक्षिण कोरिया, जापान, इंडोनेशिया, ताइवान, जाम्बिया, वियतनाम और स्पेन जैसे देशों में पहले से ही ऐसी व्यवस्था लागू है। वहीं, भारत में केंद्र सरकार के सिविल सेवा नियमों के तहत ऐसा कोई केंद्रीय प्रावधान नहीं है। हालांकि, कुछ राज्य स्तर पर बिहार और ओडिशा में महिला सरकारी कर्मचारियों को महीने में दो दिन का पीरियड अवकाश दिया जाता है। मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में ऐसी कोई अनिवार्य नीति लागू करने से इनकार करते हुए इसे नीतिगत मामला बताया था।

बिल के मुख्य बिंदु और अन्य छुट्टियां

नए प्रस्तावित बिल के अनुसार, नेपाल में महिला कर्मचारियों को पहले से मिलने वाली आकस्मिक छुट्टी, गृह अवकाश, बीमारी की छुट्टी, अध्ययन और असाधारण छुट्टियों के साथ-साथ मासिक धर्म अवकाश, मातृत्व अवकाश, प्रसव अवकाश तथा मातृत्व देखभाल अवकाश का लाभ भी मिलेगा। हालांकि, अभी इस बात का स्पष्ट खुलासा नहीं किया गया है कि मासिक धर्म के दौरान कुल कितने दिनों की छुट्टी दी जाएगी या इसके लिए क्या शर्तें तय होंगी। नेपाल की सिविल सेवा में लगातार बढ़ रही महिलाओं की संख्या को देखते हुए इसे कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

Leave a Reply