सवाईमाधोपुर में सरस दूध की मनमानी कीमत? ₹27 की पैकिंग ₹30 में बिकने का दावा
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सवाई माधोपुर। राजस्थान के सवाई माधोपुर शहर में सरस दूध की बिक्री में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। आधा लीटर सरस दूध की थैली पर कंपनी की ओर से 27 रुपये का प्रिंट रेट अंकित होने के बावजूद, शहर के कई सरस बूथों पर उपभोक्ताओं से 30 रुपये वसूले जा रहे हैं, यानी प्रत्येक थैली पर तीन रुपये अतिरिक्त लिए जा रहे हैं।
आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही मनमानी
दूध रोजमर्रा की सबसे बुनियादी जरूरत है और अधिकांश परिवार नियमित रूप से इसकी खरीदारी करते हैं। यदि एक परिवार रोजाना आधा लीटर की एक थैली पर तीन रुपये अतिरिक्त चुकाता है, तो महीनेभर में उसकी जेब से करीब 90 रुपये और सालभर में लगभग 1,095 रुपये फालतू निकल जाते हैं। शहर में सरस डेयरी के 60 से अधिक बूथ अधिकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में सड़क निर्माण कार्य के चलते करीब 30 बूथ ही संचालित हो रहे हैं। ऐसे में खुले और चालू बूथों पर उपभोक्ताओं की भीड़ का फायदा उठाकर यह मुनाफाखोरी की जा रही है।
ग्राहकों से मनमाना रवैया और शिकायतों पर टालमटोल
जब उपभोक्ताओं (जैसे रमेश, श्याम और अशोक आदि) ने बूथ संचालकों से अधिक कीमत वसूलने का कारण पूछा, तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय टालमटोल भरा रवैया देखने को मिला। कुछ संचालकों ने तो यहां तक कह दिया, 'लेना है तो लो, नहीं तो मत लो। जहां शिकायत करनी है, कर दो।' इस गैर-जिम्मेदाराना और मनमाने रवैये से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि आवश्यक वस्तुओं के लिए भी उन्हें ऐसी मनमानी का सामना करना पड़ा, तो उन्हें मजबूरी में अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी।
प्रशासन और प्रबंधन की चेतावनी
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाई माधोपुर-करौली के मार्केटिंग हेड सुरेन्द्र सिंह राजावत ने स्पष्ट किया है कि सभी बूथ संचालकों को केवल निर्धारित कीमत पर ही दूध बेचने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया ग्रुप पर भी स्पष्ट हिदायत भेजी जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी बूथ पर प्रिंट रेट से अधिक पैसे लेते हुए कोई पकड़ा गया, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा।
