स्कूल में बच्चों की गैरमौजूदगी और पढ़ाई ठप होने पर विभाग सख्त, तीन शिक्षकों से जवाब तलब

चिरमिरी। छत्तीसगढ़ के चिरमिरी-भरतपुर जिले के अंतर्गत आने वाले सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हुए हैं। भरतपुर विकासखंड के एक शासकीय उच्च विद्यालय में शिक्षकों के नियमित रूप से अनुपस्थित रहने और इसके कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित होने की गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। इन शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने त्वरित संज्ञान लिया है और लापरवाह पाए गए तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
औचक निरीक्षण में बंद मिला विद्यालय और ग्रामीणों की शिकायतें
शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गत बाइस अक्टूबर को जब संबंधित विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया, तो स्कूल पूरी तरह से बंद पाया गया और कक्षाओं में छात्र नदारद मिले। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस बात की लगातार शिकायतें दर्ज कराई थीं कि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं आते हैं, जिसके कारण उनके बच्चों का भविष्य अधर में लटक रहा है। इन तमाम शिकायतों और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने अब प्रशासनिक कसावट लाते हुए शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
इन शिक्षकों को थमाया गया नोटिस और तय समय-सीमा
विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के तहत प्रभारी प्राचार्य रमेश कोसारिया, व्याख्याता प्रियंका मिंज और अतिथि शिक्षक घोरेलाल पाली को कारण बताओ नोटिस प्रेषित किया गया है। इन सभी संबंधित शिक्षकों को नोटिस मिलने के तीन दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो उनके विरुद्ध कठोर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिससे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
