ड्यूटी पर निकलते समय हुआ दुखद हादसा, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक की मौत से पुलिस विभाग में शोक

मुंबई। कुरार पुलिस स्टेशन में तैनात वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड का ड्यूटी पर जाते समय अचानक हुए असामयिक निधन से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। नवी मुंबई के उलवे स्थित अपने आवास से थाने के लिए रवाना हुए गायकवाड ने रास्ते में अचानक अस्वस्थता महसूस होने की बात कही थी, जिसके बाद वे सरकारी वाहन में ही आराम करने लगे। कुरार पुलिस स्टेशन पहुँचने पर जब चालक ने उन्हें जगाने का प्रयास किया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गायकवाड ने सोमवार शाम को ही अपने वरिष्ठ अधिकारी का जन्मदिन मनाया था और उसके बाद वे अपने घर उलवे लौट गए थे।

रास्ते में बिगड़ी तबीयत और अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

मंगलवार सुबह जब वरिष्ठ निरीक्षक सुशील कुमार गायकवाड अपनी ड्यूटी के लिए निकले तो रास्ते में ही उन्होंने अपने साथ मौजूद वाहन चालक और ऑपरेटर से तबीयत ठीक न होने की शिकायत की। उन्होंने विश्राम करने के उद्देश्य से तकिया माँगा और गाड़ी की पिछली सीट पर लेट गए। गाड़ी जैसे ही कुरार पुलिस थाने के प्रांगण में पहुँची, चालक ने उन्हें जगाने के लिए आवाज लगाई, परंतु भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जब चालक ने पास जाकर उन्हें जगाने की कोशिश की, तो उनका शरीर पूरी तरह से ठंडा पड़ चुका था और मुँह से झाग निकल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल पठाणवाड़ी स्थित डीएनए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक चिकित्सीय अनुमानों के आधार पर उनकी मृत्यु का मुख्य कारण हृदयघात माना जा रहा है।

एक ही माह में दो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों के निधन से महकमे में हड़कंप

मुंबई पुलिस बल में महज एक महीने के भीतर दो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षकों की अचानक हुई मौत ने विभागीय अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। चालू माह की शुरुआत में ही एक अन्य वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शिवाजी जाधव का भी इसी प्रकार अचानक निधन हो गया था। उल्लेखनीय है कि गायकवाड और जाधव दोनों ही अधिकारियों को लगभग सात माह पूर्व ही पुलिस निरीक्षक से पदोन्नत कर वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

पुलिसकर्मियों पर बढ़ते कार्यबोझ और तनाव को लेकर उठते सवाल

इन दुखद घटनाओं के बाद पुलिस महकमे के भीतर अधिकारियों पर बढ़ते मानसिक दबाव और लगातार मिलने वाले निर्देशों को लेकर अंदरूनी चर्चाएं तेज हो गई हैं। निचले स्तर के पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के बीच यह बात प्रमुखता से उठ रही है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था कायम रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी के अलावा अतिक्रमण हटाने, झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण तथा वन विभाग से जुड़े विविध प्रशासनिक कार्यों का अतिरिक्त भार भी पुलिस अधिकारियों पर ही डाल दिया जाता है। इस बहुआयामी कार्यप्रणाली के कारण अधिकारियों पर अत्यधिक तनाव और कार्य का दबाव निरंतर बना रहता है।

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