हरियाणा सरकार में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की आहट, उमाशंकर को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य की शीर्ष प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े स्तर पर फेरबदल की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे राज्य कैडर के चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को वापस अपने गृह राज्य भेजने के लिए केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से आधिकारिक अनुरोध किया है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा संबंधित अधिकारियों से उनकी सहमति ली जा रही है, जिसमें से कुछ अधिकारियों ने राज्य में वापसी को लेकर अपनी स्वीकृति दे दी है। हरियाणा सरकार द्वारा वापस बुलाए गए अधिकारियों में पूर्व मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे वी. उमाशंकर (1993 बैच), पूर्व अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता (1997 बैच), विकास गुप्ता (2001 बैच) और नितिन यादव (2000 बैच) शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव अरुण गुप्ता का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें भी कोई नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने की चर्चाएं गर्म हैं।

मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद के लिए दावेदारी और अधिकारियों की प्रशासनिक पृष्ठभूमि

केंद्र से लौटने वाले अधिकारियों में से डॉ. राकेश गुप्ता या नितिन यादव में से किसी एक को मुख्यमंत्री के नए प्रधान सचिव की कमान सौंपी जा सकती है। 1997 बैच के आईएएस डॉ. राकेश गुप्ता वर्तमान में राष्ट्रपति भवन सचिवालय में संयुक्त सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और राज्य में शिक्षा तथा लिंगानुपात सुधार जैसे महत्वपूर्ण अभियानों के सफल क्रियान्वयन के लिए जाने जाते हैं। वहीं 2000 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नितिन यादव केंद्र में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं और एमएमटीसी, पीईसी तथा एसटीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का प्रभार संभाल रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त विकास गुप्ता पूर्व में परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

नए मुख्य सचिव के नाम पर मंथन और शीर्ष नौकरशाही में बदलाव

प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात 1993 बैच के आईएएस अधिकारी वी. उमाशंकर को हरियाणा का नया मुख्य सचिव बनाया जा सकता है। वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का बढ़ा हुआ सेवा विस्तार आगामी 31 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। वी. उमाशंकर की धर्मपत्नी दीप्ति उमाशंकर भी उन्हीं के कैडर की वरिष्ठ अधिकारी हैं और वर्तमान में राष्ट्रपति की सचिव के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त डॉ. अमित कुमार अग्रवाल और जनसंपर्क विभाग के सचिव के.एम. पांडुरंग की भी मुख्यमंत्री कार्यालय में पुनरागमन की संभावना जताई जा रही है।

राज्य में आईएएस अधिकारियों की कमी और सेवानिवृत्ति की चुनौतियां

हरियाणा सरकार द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को वापस बुलाने के पीछे प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने और राज्य में अधिकारियों की भारी कमी को मुख्य कारण बताया जा रहा है। स्वीकृत 226 पदों के मुकाबले वर्तमान में राज्य में केवल 179 आईएएस अधिकारी ही कार्यरत हैं, यानी प्रदेश में 47 अधिकारियों की सीधी कमी बनी हुई है। शीर्ष 20 अधिकारियों में से आधा दर्जन से अधिक प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि कुछ अधिकारी कानूनी जांच के दायरे में हैं। आने वाले तीन महीनों में राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, जिनमें मंडलायुक्त संजय जूण, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा और केंद्र में कार्यरत अभिलक्ष लिखी शामिल हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने के लिए यह महत्वपूर्ण फेरबदल करने जा रही है।

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