पार्किंग शुल्क के नाम पर वसूली का आरोप, नागपुर रेलवे अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश

नागपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के प्रयासों के बीच नागपुर स्टेशन पर यात्रियों के साथ अनियमिता का मामला सामने आया है। नागपुर रेलवे स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों ओर संचालित 'ड्रॉप एंड गो' और पार्किंग व्यवस्था में उपभोक्ता अधिकारों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
रसीद वापस लेने का खेल और उपभोक्ता कानून का उल्लंघन
रेल परिसर में प्रवेश करने वाले वाहन चालकों को एंट्री पॉइंट पर समय दर्ज रसीद दी जाती है, लेकिन एग्जिट पॉइंट पर भुगतान के बाद उनसे यह रसीद वापस ले ली जाती है और कोई अंतिम रसीद (फाइनल बिल) भी नहीं दी जाती। यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 2(11) और 2(47) का स्पष्ट उल्लंघन है।
सख्त रवैये के कारण जागरूक वाहन चालक भी विरोध करने से बचते हैं। एग्जिट बूथ से ठीक पहले बनाया गया करीब 10 इंच ऊंचा स्पीड ब्रेकर 12 मिनट की मुफ्त 'ड्रॉप एंड गो' सीमा के भीतर बाहर निकलने वाले चालकों की गति धीमी कर देता है, जिससे कई चालकों को न चाहते हुए भी 50 रुपये का शुल्क देना पड़ रहा है।
कानूनी प्रावधान और आपराधिक धाराएं
उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, रसीद वापस लेना और अंतिम बिल न देना सबूत मिटाने और राजस्व चोरी के दायरे में आता है:
उपभोक्ता अधिनियम धारा 72: आदेश का पालन न करने पर 1 महीने से 3 साल तक का कारावास, 25,000 से 1,00,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों। आयोग के पास प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियां होती हैं।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 318: गलत नीयत से पैसे लेकर सबूत छिपाने (धोखाधड़ी) का मामला।
BNS धारा 351/115: रसीद मांगने पर अभद्रता या बल प्रयोग करने पर पुलिस आपराधिक मुकदमा दर्ज कर सकती है।
'नो बिल-नो पेमेंट' नीति पर उठे सवाल
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा देशभर में 'नो बिल-नो पेमेंट' की नीति लागू की गई है, ताकि खानपान और सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहे। हालांकि, नागपुर स्टेशन परिसर की इस पार्किंग व्यवस्था में इस नियम की अनदेखी की जा रही है।
मामले पर संज्ञान लेते हुए मध्य रेल नागपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Senior DCM) अमन मित्तल ने स्पष्ट किया कि एग्जिट पॉइंट पर नकद भुगतान करने वाले वाहन चालकों को अंतिम रसीद देना अनिवार्य है। यदि पार्किंग ठेकेदार या कर्मचारी ऐसा नहीं कर रहे हैं, तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
