बुजुर्ग महिला की हत्या कर शव जलाया, नदी में फेंके अवशेष; दो गिरफ्तार

भीलवाड़ा। सोने के जेवरातों की नीयत से एक वृद्धा की हत्या कर सबूत मिटाने का खौफनाक मामला सामने आया है। भीमगंज थाना इलाके के वीर सावरकर नगर में रहने वाली 70 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की हत्या के जुर्म में पुलिस ने उनके पड़ोसी रवि तापड़िया और उसके दोस्त हीरा सिंधी को हिरासत में लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों की नीयत महिला के लगभग 23 लाख रुपये की कीमत वाले सोने के आभूषणों पर खराब हो गई थी। दोनों ने पहले महिला का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतारा, फिर लाश को मकान की छत पर ले जाकर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद अपराध छिपाने की नीयत से अवशेष और राख को कोठारी नदी में बहा दिया। पुलिस ने पालड़ी पुलिया के पास नदी में जेसीबी चलाकर मृतका की हड्डियां बरामद की हैं।

सीसीटीवी फुटेज से सुलझी गुत्थी

थानाधिकारी सुनील चौधरी ने बताया कि कमला देवी 12 अक्टूबर से गायब थीं। उनकी बहू रवीना ने 15 अक्टूबर को थाने पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। कमला देवी घर पर अकेले ही निवास करती थीं। उनके पति तेजसिंह का चार वर्ष पूर्व देहांत हो चुका था, जबकि पुत्र सौरभ की दो साल पहले एक सड़क हादसे में जान चली गई थी। इसके उपरांत उनकी बहू अपने दोनों बच्चों के साथ आजाद नगर में रहने लगी थी। 15 अक्टूबर को जब नौकरानी ने बहू को सूचित किया कि घर पर कई दिनों से ताला लगा है, तब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल करने पर 12 अक्टूबर की शाम कमला देवी अपने पड़ोसी रवि तापड़िया के साथ जाती हुई नजर आईं, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।

15 तोले सोने के आभूषणों के लिए रची साजिश

शुरुआती छानबीन में आरोपी रवि ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि वृद्धा ने उससे बाजार तक छोड़ने का आग्रह किया था, जिसके बाद वह उन्हें छोड़कर लौट आया था। हालांकि, महिला के शहर से बाहर जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी की नजर कमला देवी के लगभग 15 तोले वजनी सोने के गहनों पर थी। वह 12 अक्टूबर को महिला को झांसा देकर अपने साथ ले गया और अपने सहयोगी के साथ मिलकर उनका गला दबा दिया। लूटपाट के बाद आरोपियों ने शव को जलाया और अवशेषों को नदी में फेंक दिया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से आगे की कार्रवाई में जुटी है।

परिजनों के पास लौटने की अधूरी ख्वाहिश

मृतका की बहू रवीना ने बताया कि सास से उनकी अंतिम वार्ता 6 अक्टूबर को हुई थी। उस समय कमला देवी ने उनसे कहा था कि अगली बार आते समय बच्चों को भी साथ लेकर आएं। अकेलेपन के बीच वह हमेशा अपने परिवार के सदस्यों का इंतजार करती रहती थीं और घरेलू जरूरतों पर चर्चा करती थीं। पोते-पोतियों से मिलने की उनकी यह अंतिम इच्छा अधूरी ही रह गई और परिजनों के लिए यह गायब होने का मामला एक दर्दनाक हादसे के रूप में सामने आया।

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