करवा चौथ पर बाबा बागेश्वर की अनोखी टिप्पणी, ‘खसम पूजन दिवस’ नाम पर चर्चा तेज

शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित करेरा नगर में इन दिनों बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 24 से 30 अक्टूबर तक आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान आयोजित 'सीधी बात' सत्र में एक श्रद्धालु द्वारा करवा चौथ के पावन व्रत को लेकर पूछे गए रोचक प्रश्न पर बाबा बागेश्वर का व्यंग्यात्मक व हास्यप्रद जवाब अब सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।

करवा चौथ के नामकरण पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की चुटकी

कथा के दौरान जब एक नवविवाहित भक्त ने मंच से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जिज्ञासा प्रकट करते हुए पूछा कि क्या उसकी नवविवाहिता पत्नी इस बार करवा चौथ का उपवास रख सकती है, तो उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में ठहाका लगाते हुए इसका जवाब दिया। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्होंने तो करवा चौथ का नया नाम 'खसम पूजन दिवस' रख लिया है। उन्होंने श्रद्धालु का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आधुनिक और पाश्चात्य संस्कृति के दौर में शास्त्रों में भले ही इसका बहुत कड़ा विधान न मिलता हो, फिर भी महिलाओं को पति की मंगल कामना के लिए यह व्रत अवश्य रखना चाहिए।

पति-पत्नी के रिश्ते पर दिया अनूठा और प्रेरक संदेश

अपने विशेष अंदाज में आगे बात रखते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा कि सिर्फ एक दिन उपवास रखकर वर्ष के शेष 364 दिन पतियों को यह ताने नहीं दिए जाने चाहिए कि "किस मुहूर्त में शादी हुई थी, इससे तो हम ऐसे ही रह जाते"। उन्होंने सुहागिनों को संदेश दिया कि जिस अगाध निष्ठा, तन्मयता और साधना के साथ करवा चौथ के दिन पति की दीर्घायु और समृद्धि के लिए प्रभु से प्रार्थना की जाती है, ठीक वैसी ही सद्भावना और प्रेम पूरे वर्ष भर दांपत्य जीवन में बना रहना चाहिए, तभी इस उपवास की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होती है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बाबा का मजेदार बयान

पति-पत्नी के पावन रिश्ते और करवा चौथ के संदर्भ में दिया गया बाबा बागेश्वर का यह हास्य-व्यंग्य से भरपूर बयान इस समय क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। श्रद्धालुओं और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं द्वारा उनके इस वक्तव्य का वीडियो खूब पसंद और साझा किया जा रहा है।

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