कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में की तीन फीसदी की बढ़ोतरी

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद राहतभरी और बड़ी खबर आई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को अपनी औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। देश में बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय लिया गया। इस वृद्धि के लिए सरकार द्वारा कुल दस हजार एक सौ सोलह करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। भत्ते में की गई यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
तीन प्रतिशत वृद्धि से वेतन और पेंशन में इजाफा
कैबिनेट द्वारा लिए गए इस फैसले से केंद्रीय सेवाओं में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के मासिक वेतन तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मासिक पेंशन में सीधा इजाफा देखने को मिलेगा। जीवन यापन की बढ़ती लागत और महंगाई के असर को संतुलित करने के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर यह कदम उठाया जाता है। इस बढ़ोतरी से न्यूनतम वेतन स्तर यानी लेवल 1 के कर्मचारियों के मासिक वेतन में पांच सौ चालीस रुपये की वृद्धि होगी, जबकि पे मैट्रिक्स के विभिन्न स्तरों के अनुसार यह लाभ बढ़ता जाएगा। उदाहरण स्वरूप लेवल 10 के अधिकारियों को लगभग एक हजार छह सौ तियासी रुपये और शीर्ष स्तर यानी लेवल 18 के अधिकारियों को प्रतिमाह सात हजार पांच सौ रुपये का सीधा फायदा पहुंचेगा। यह वित्तीय संबल कर्मचारियों के पारिवारिक बजट को मजबूती प्रदान करेगा।
सरकारी खजाने पर प्रभाव और अर्थव्यवस्था को गति
कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि महंगाई भत्ते और राहत में की गई इस तीन प्रतिशत की वृद्धि से सरकारी खजाने पर कुल 10,016 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। सरकार के इस कदम से बाजार में तरलता (लिक्विडिटी) और खपत दोनों में बढ़ोतरी होगी, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव देश की समग्र आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा।
कैबिनेट बैठक में अन्य प्रमुख विकास योजनाओं को हरी झंडी
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में केवल कर्मचारियों के भत्ते ही नहीं, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे, मैन्युफैक्चरिंग, खेल और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अन्य ऐतिहासिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने कुल 29,267 करोड़ रुपये की विभिन्न कल्याणकारी और विकास योजनाओं पर अपनी मोहर लगाई है। इसमें देश में घरेलू स्तर पर कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने हेतु 'कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम' के तहत दस हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा खेल सामग्री के घरेलू उत्पादन को मजबूती देने के लिए 'खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' हेतु 1,856 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण विकास व सुशासन को गति देने के उद्देश्य से 'प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना' के अंतर्गत 7,395 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है।
