असम के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, दिल्ली-गुवाहाटी सफर को लेकर सीएम हिमंत का बड़ा संदेश

गुवाहाटी। केंद्र सरकार ने देश के रेल बुनियादी ढांचे को एक नया आयाम देते हुए 'नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर' को हरी झंडी दिखा दी है, जो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को सिलीगुड़ी के रास्ते गुवाहाटी से जोड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद दिल्ली और गुवाहाटी के बीच का वर्तमान में लगने वाला लगभग 20 घंटे का रेल सफर घटकर मात्र 8 घंटे से भी कम रह जाएगा। इस दूरगामी निर्णय के पश्चात असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम से खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का सहृदय आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे संपूर्ण पूर्वोत्तर भारत के विकास और कनेक्टिविटी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने साझा की परियोजना विस्तार की गाथा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने संदेश में जानकारी दी कि प्रारंभिक योजना के अंतर्गत यह हाई-स्पीड कॉरिडोर केवल सिलीगुड़ी तक ही सीमित किया गया था। परंतु जुलाई माह में उनके द्वारा प्रेषित लिखित अनुरोध और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई सार्थक बैठक के उपरांत केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव के सामरिक एवं क्षेत्रीय महत्व को स्वीकार करते हुए बुलेट ट्रेन सेवा का विस्तार पूर्वोत्तर तक करने की संस्वीकृति प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील और जन-आकांक्षाओं को पूरा करने वाली सरकार इसी प्रकार त्वरित निर्णय लेकर कार्य करती है।
औद्योगिक प्रगति, रोजगार और त्वरित परिवहन के खुलेंगे नए द्वार
असम के मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि वर्तमान समय में असम उच्च तकनीक और आधुनिक उद्योगों की नई क्रांति के लिए पूरी तरह तैयार हो रहा है। ऐसे दौर में दिल्ली सहित अन्य राज्यों की राजधानियों के साथ तीव्र, सुलभ और हवाई यात्रा से भी सस्ती कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से क्षेत्र में व्यापार, निवेश और रोजगार के अभूतपूर्व अवसर निर्मित होंगे। उन्होंने कहा कि एक समय असम में बुलेट ट्रेन की कल्पना करना भी असंभव प्रतीत होता था और लोग इसकी मांग करने से भी हिचकिचाते थे, परंतु आज वह अकल्पनीय सपना हकीकत का रूप धारण कर रहा है।
उत्तरी कॉरिडोर के मार्ग, यात्रा समय और किफायती किराये की घोषणा
इससे पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा करते हुए बताया था कि प्रधानमंत्री ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के 'उत्तरी कॉरिडोर' को स्वीकृति दे दी है। यह नेटवर्क दिल्ली से प्रारंभ होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी और पटना से गुजरते हुए गुवाहाटी पहुंचेगा। कॉरिडोर के पूर्ण होने पर दिल्ली से आगरा का सफर मात्र 59 मिनट, दिल्ली से कानपुर 1 घंटे 45 मिनट, दिल्ली से लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट तथा वाराणसी व प्रयागराज की यात्रा लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी। रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बुलेट ट्रेन का किराया बेहद किफायती रखा जाएगा, जो आम नागरिकों की पहुंच में होगा तथा हवाई जहाज के टिकट की तुलना में काफी कम रहेगा।
हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की राष्ट्रीय रूपरेखा और अद्यतन स्थिति
नॉर्दर्न कॉरिडोर की यह घोषणा देश भर में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का जाल बिछाने की केंद्र सरकार की वृहद कार्ययोजना का मुख्य अंग है। केंद्रीय बजट के संदर्भ में जारी आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार, रेल मंत्रालय ने कई नए हाई-स्पीड रेल मार्गों की रूपरेखा तैयार की है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी मार्ग प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के उपरांत देश के विभिन्न पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच यात्रा के समय में भारी कमी आएगी, जिससे राष्ट्रीय एकीकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी।
