गाजियाबाद से दिल्ली तक दो किशोरियों की तलाश, पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर परिजनों को दी सूचना

गाजियाबाद। थाना लिंक रोड पुलिस ने अपने घर से बिना बताए संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई दो नाबालिग बालिकाओं को दिल्ली स्थित शालीमार रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद करने में सफलता प्राप्त की है। दोनों किशोरियां परिजनों से किसी बात पर रुष्ट होकर काफी दूर चले जाने की मंशा से रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की प्रतीक्षा कर रही थीं। पुलिस प्रशासन ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर त्वरित कार्रवाई की तथा मौके पर पहुंचकर दोनों को बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
परिजनों की सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) साहिबाबाद अमित सक्सेना ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि 31 अक्टूबर की सुबह लगभग नौ बजे साहिबाबाद गांव निवासी एक व्यक्ति की 14 वर्षीय पुत्री और पड़ोस की ही रहने वाली दूसरे व्यक्ति की 15 वर्षीय पुत्री अचानक घर से बिना बताए कहीं चली गई थीं। काफी खोजबीन के पश्चात जब बालिकाओं का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने शाम सात बजे थाना लिंक रोड के प्रभारी को दूरभाष के माध्यम से घटना की जानकारी दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल रेलवे रोड चौकी प्रभारी तथा महिला पुलिस कर्मियों की एक विशेष टीम गठित कर तलाश शुरू कराई।
सर्विलांस की मदद से दिल्ली में मिली लोकेशन
पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए सर्विलांस सेल की सहायता से दोनों बालिकाओं के मोबाइल नंबरों को ट्रैकिंग पर लिया। सर्विलांस जांच में मोबाइल की अंतिम लोकेशन दिल्ली के शालीमार क्षेत्र के आसपास प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम फौरन दिल्ली के लिए रवाना हुई और स्थानीय मुखबिरों तथा प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से शालीमार रेलवे स्टेशन से दोनों किशोरियों को सुरक्षित ढूंढ निकाला।
महिला हेल्प डेस्क पर काउंसलिंग और परिजनों को सुपुर्दगी
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों किशोरियों ने स्वीकार किया कि वे पारिवारिक बातों से नाराज होकर दूर किसी शहर जाने के उद्देश्य से वहां पहुंची थीं और ट्रेन आने का इंतजार कर रही थीं। पुलिस टीम दोनों को सुरक्षित थाने लेकर आई और महिला हेल्प डेस्क पर बैठाकर उनकी उचित काउंसलिंग की गई। इसके उपरांत रात लगभग दस बजे दोनों बालिकाओं को आधिकारिक रूप से उनके परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान बालिकाओं के पिता भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। पुलिस की इस मुस्तैदी और त्वरित सफलता से परिजनों ने राहत की सांस ली है और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की है।
