अमित शाह पर महाराष्ट्र को कमजोर करने का आरोप, संजय राउत के बयान से सियासी घमासान

मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख नेताओं की हालिया मुलाकात को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने तीखा राजनीतिक हमला बोला है। संजय राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र की क्षेत्रीय ताकत को कमजोर करने की नीयत से एनसीपी में दो फाड़ करवाए हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि आने वाले निकट भविष्य में एनसीपी के दोनों गुटों का राजनीतिक अस्तित्व पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा और अजित पवार के अलग होने के बाद अब एनसीपी पूरी तरह शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ही रह गई है। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि असली शिवसेना केवल उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली ही है, जबकि अन्य नेता सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रहे हैं।

राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने और केंद्र पर कड़ा हमला

संजय राउत ने एक बेहद आक्रामक बयान देते हुए दावा किया कि कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी भविष्य में देश के प्रधानमंत्री बनेंगे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तिहाड़ जेल जाना पड़ेगा। उनका यह विवादित बयान राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा और बहस का विषय बना हुआ है। इस बयान के जरिए शिवसेना सांसद ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ गठबंधन व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा।

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और रैलियों पर सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के संदर्भ में बात करते हुए संजय राउत ने अपने रुख को दोहराया और उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल किसी भी प्रकार की औपचारिक चर्चा नहीं चाहते, बल्कि सीधे तौर पर सीईसी का पदत्याग चाहते हैं। तेलंगाना में आयोजित भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' रैली पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो शक्तियां स्वयं लोकतंत्र की मर्यादाओं का हनन कर रही हैं, वही आज लोकतंत्र की रक्षा का ढोंग कर रही हैं। राउत ने सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर वे किससे और किसलिए लोकतंत्र को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

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