राजधानी के सरकारी हॉस्टल ने किया शर्मसार

भोपाल। राजधानी के एक हॉस्टल से जुड़ी नाबालिग लड़की के साथ अश्लील छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। बागसेवनियां इलाके में चल रहे सरकारी अनुसूचित जाति सीनियर गल्र्स हॉस्टल की अधीक्षिका ममता अहिरवार के पति ने अश्लील छेड़छाड़ के प्रयास की घटना को अंजाम दिया। मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मच गया है। मामले को दबाने की भरपूर कोशिश की जा रही है। अधीक्षिका पति पर पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अधीक्षक के पति १५ दिन की पुलिस रिमांड में जेल भेजा गया है। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने हॉस्टल अधीक्षिका ममता अहिरवार को सस्पेंड कर दिया है। इस छात्रावास में करीब ५० छात्राओं को रखा गया है। ममता अहिरवार का आरोपी पति हरिदास अहिरवार सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर है।
कलेक्टर ने की कार्रवाई
घटना की जानकारी प्रशासन को लगते ही कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने हॉस्टल अधीक्षिका ममता अहिरवार को सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि हॉस्टल की छात्राओं को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अपने घर ले जाया गया। यह मप्र सिविल सेवा आचरण नियम १९९५ का उल्लंघन है। कलेक्टर ने अधीक्षिका के अब तक के कार्यकाल की जांच कराने का भी आदेश दिया है।
पहले भी विवादों में रहीं हैं अधीक्षक ममता
बताया जाता है कि ममता अहिरवार जब सीहोर के एक कन्या छात्रावास की अधीक्षिका थीं, तब भी एक लड़की के साथ बलात्कार का मामला सामने आया था। यह लड़की जब गर्भवती हुई तब पूरे मामले का खुलासा हुआ था। इसके बाद उनका तबादला भोपाल के अमराई स्थित उक्त कन्या छात्रावास में कर दिया गया।
अधीक्षिका को सहायक आयुक्त का मिलता रहा संरक्षण
सहायक आयुक्त अवनीश चतुर्वेदी का पूरा संरक्षण ममता अहिरवार को मिलता रहा। सीहोर में अधीक्षक रहते जब एक लड़की बलात्कार के बाद गर्भवती हो गई थी, तब अवनीश चतुर्वेदी ही डीओ थे। अब जब भोपाल का मामला सामने आया, तब भी चतुर्वेदी ही सहायक आयुक्त हैं। चतुर्वेदी के संरक्षण में ही ममता और उसका पति कानून से बड़ा हो गया।
