हरियाणा विस चुनावः जिताऊ विधायकों पर दांव लगाएगी भाजपा, सर्वे में खरा उतरने वालों को ही टिकट

हरियाणा में मिशन रिपीट में जुटी भाजपा ने टिकट वितरण को लेकर कमर कस ली है। टिकट आवंटन के साथ ही पार्टी का संकल्प पत्र तैयार करने को लेकर भी थिंक टैंक जुटा हुआ है। रविवार को नई दिल्ली में भाजपा प्रदेश चुनाव समिति की बैठक हुई। इसमें टिकट फाइनल करने को लेकर सभी सदस्यों से सुझाव लिए गए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बैठक की अध्यक्षता की। सूत्रों के अनुसार भाजपा के मौजूदा सभी 48 विधायकों की टिकट पक्की नहीं है। पार्टी 75 पार का लक्ष्य पूरा करने के लिए चुनाव में सिर्फ और सिर्फ जिताऊ विधायकों पर ही दांव खेलेगी।
जीतने की गारंटी न रखने वाले विधायकों की टिकट कटना तय है। उनकी जगह जीतने की क्षमता रखने वाले नए चेहरों को पार्टी हाईकमान चुनाव मैदान में उतारेगा। भाजपा में हर सीट पर टिकटों के लिए मारामारी है। दूसरे दलों से टिकट के चाहवान अनेक नेता भी पाला बदलकर भाजपा में आए हैं। चुनाव समिति की बैठक में उनके नामों पर भी चर्चा हुई। खासकर जो विधायक दूसरे दलों से आए हैं, उनके जीतने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। पार्टी सभी नब्बे सीटों पर कराए गए तीन सर्वे को भी ध्यान रखेगी।
एक सर्वे जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान हुआ है, जबकि एक प्रदेश भाजपा और तीसरा पार्टी आलाकमान ने कराया है। तीनों सर्वे में खरा उतरने वालों की ही टिकट तय मानी जाएगी। सीएम की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान जुटाई गई भीड़ का दावा करने वाले नेताओं को भी सर्वे में परखा गया है। भीड़ वास्तव में किसने जुटाई, लोग खुद आए या लाए गए, इन सब बातों की पड़ताल हुई है। रविवार को चुनाव समिति की बैठक में सीएम मनोहर लाल ने सभी से जिताऊ प्रत्याशियों को लेकर राय जानी।
मौजूदा विधायकों की परफार्मेंस, उनके हो रहे विरोध पर भी चर्चा की गई। जिन सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर कोई संशय नहीं है, उनकी सूची पहले या दूसरे नवरात्र में जारी हो सकती है। तीन-चार अक्टूबर तक सारे टिकट बांट दिए जाएंगे ताकि उम्मीदवार नामांकन कर फील्ड में जुट सकें।
