मप्र ने दी उप्र को अपनी सीमा पर बैराज निर्माण की सहमति

भोपाल।मप्र सरकार ने उप्र सरकार को अपनी सीमा पर मौजूदा तालाबों और बरियापुर के डाउन स्ट्रीम में बैराज निर्माण एवं मानसून सीजन में अपने हिस्से का पानी भरने पर सहमति प्रदान कर दी है।
जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा द्वारा केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना पर सीएम शिवराज द्वारा ली गई समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। 
दरअसल, उप्र ने वर्ष 2019 में 930 मिलियन घनमीटर पानी देने की मांग की थी जिसे मप्र ने ठुकरा दिया था और वह 700 मिलियन घनमीटर पानी देने के लिये ही तैयार था।
इसी कारण से उप्र को बैराज एवं मानसून में पानी भरने की सहमति दी गई है।
उल्लेखनीय है कि उप्र एवं मप्र के बीच वर्ष 1977 में केन सिस्टम से बरियापुर पिकपवियर पर उप्र को 1048 मिलियन घनमीटर जल आवंटित करने का समझौता हुआ था।  बाद में वर्ष 2005 में यह मात्रा बढ़ाकर 1700 मिलियन घनमीटर कर दी गई। वर्ष 2010 में डीपीआर बनी जिसमें 1700 मिलियन घनमीटर पानी में से उप्र को रबी सिंचाई हेतु 547 मिलियन घनमीटर, पेयजल हेतु 11 मिलियन घनमीटर तथा खरीफ सिंचाई हेतु 1142 मिलियन घनमीटर पानी निर्धारित किया गया। वर्ष 2017 में उप्र द्वारा रबी सिंचाई हेतु 700 मिलियन घनमीटर पानी की मांग की जिस पर मप्र ने सहमति दे दी। लेकिन वर्ष 2019 में जब उप्र ने पानी की मात्रा बढ़ाकर 930 मिलियन घनमीटर की तो मप्र ने इंकार कर दिया। 
बैठक में बताया गया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुद्दों पर केंद्र ने दोनों राज्यों को निर्देशित किया है कि किये जाने वाले एमओयू पर दोनों राज्य अपनी टिप्पणी/विचार अतिशीघ्र भेजें जिससे केंद्र द्वारा एमओयू को अंतिम रुप दिया जा सके। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर पहले से ही हो रहे विलम्ब पर भी इस बैठक में चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि केन नदी बुन्देलखण्ड क्षेत्र में आती है और मप्र के कटनी, छतरपुर से निकलकर उप्र पहुंचती है।

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