मोबाइल लोन के मोहजाल में उलझे बेरोजगार

जबलपुर। देश, प्रदेश में लॉकडाउन के बाद बढ़ी बेरोजगारी का फायदा उठाने मोबाइल फोन पर ऑनलाईन लोन देने वालों का गिरोह सक्रिय हो गया है। मोबाइल एप के माध्यम से लोन दिलाने वाले बेरोजगारों के खाते की पूरी जानकारी लेकर उसे ये लोग पैसे खाली कर देते हैं। ऑनलाईन लोन उपलब्ध कराने को लेकर रिजर्व बैंक के दिशा.निर्देश की ऑनलाईन लोन कंपनियां धज्जियां उड़ा रही है। देश में लगातार बढ़ रहे ऑनलाईन ट्राजेक्शन का बेजा फायदा उठाने वाले साइवर ठगों का गिरोह अब साइबर क्राइम पुलिस के लिए भी चुनौती का सबब बन गया है। साइबर सेल के पास पहुंच रही शिकायतों में फरियादी कहते हैं कि उनसे पांच हजार के लोन के एवज में १०.१२ हजार तक वसूले जा चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें ऑनलाईन लोन देने वाले धमका रहे हैं।
ऐसे देते हैं लोन…………
मोबाइल एप पर लोन देने वाले ग्राहकों को अपने जाल में फंसाने के लिए चिकनी-चुपड़ी बातें भी करते हैं। वे यहां तक कहते हैं कि वे ऐसे लोगों को भी लोन देते हैं। जो बैंकों से डिफाल्टर हो चुके हैं। लोन लेने के लिए कर्जधारक को मोबाइल एप डाउनलोड करने की सलाह दी जाती है। एप से लोन लेने वाले यह भी जानते हैं कि उन्हें लोन की वसूली कैसे करना है।
क्यों बढ़ रहा है एप लोन का चयन…….
मोबाइल एप से लोन देने वाले बैंकों की कमजोरियों का ही फायदा उठाते हैं। बैंकों से लोन लेने के लिए जहां पैचीदी कागजी कार्यवाही से गुजरना पड़ता है तो वहीं लोन लेने के लिए जरूरतमंदों को कई चक्कर भी काटने पड़ते हैं। जिससे समय की भी बर्बादी होती है। मोबाइल एप के जरिए छोटा.मोटा लोन चंद मिनटों में उपलब्ध हो जाता है।
डाटा हेक होने का खतरा………..
मोबाइल एप फटाफट तो मिल जाता है पर इसके साइडइफेक्ट भी हैं। यह लोन देने वाले ग्राहक की हर तरह की जानकारी खंगाल लेते हैं। जिससे ग्राहकों का डाटा हेक होने से उन पर साइबर ठगी का खतरा बना रहता है।
